Shimla News: हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। गुरुवार को शिमला, ऊना, कांगड़ा और सोलन में तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। पहाड़ भी मैदानी इलाकों की तरह तप रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राहत की उम्मीद जताई है। शुक्रवार, 22 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। विभाग ने इन इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
तापमान ने तोड़ा दम, ऊना सबसे गर्म
राज्य के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऊना में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। शिमला में भी अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री से अधिक तापमान और सामान्य से 4.5 डिग्री की वृद्धि लू (हीट वेव) मानी जाती है।
मौसम विभाग केवल तापमान ही नहीं, बल्कि गर्म हवाओं की अवधि और नमी को भी ध्यान में रखता है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के निचले इलाकों में जंगलों की आग और जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले कुछ वर्षों में तापमान में असामान्य वृद्धि देखी गई है। यह स्थिति मैदानी राज्यों से राहत पाने आए पर्यटकों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
अगले 48 घंटों में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ का असर 23 मई तक बने रहने की उम्मीद है। इस दौरान प्रदेश के ऊपरी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट वर्षा और कुछ स्थानों पर हिमपात भी हो सकता है। यह बदलाव झुलसाने वाली गर्मी से जूझ रहे लोगों को अस्थायी राहत प्रदान करेगा। प्रशासन ने आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, जिससे लू जैसी स्थितियों से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अचानक होने वाले मौसम बदलाव को देखते हुए एहतियात बरतनी चाहिए। विभाग का कहना है कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जनता को ताजा अपडेट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
Author: Sunita Gupta


