New Delhi News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त अटकने से देश के कई पात्र किसान परेशान हैं। मार्च 2026 में जारी हुई इस किस्त की राशि तकनीकी दिक्कतों के कारण कई बैंक खातों में नहीं पहुंची है। केंद्र और राज्य सरकार से इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग उठ रही है।
अगली किस्त आने से पहले निपटाएं जरूरी काम
अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम लाल ने बताया कि आगामी महीने में योजना की 23वीं किस्त आने की पूरी संभावना है। उन्होंने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपने बैंक शाखा में जाएं। वहां वे [Aadhaar Omitted] कार्ड के जरिए अपनी केवाईसी प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाएं।
इसके साथ ही किसानों को अपनी कृषि भूमि का सत्यापन भी तुरंत कराना होगा। ऐसा करने पर ही अगली किस्त समय पर उनके खातों में आ पाएगी। कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि किसान मित्र केंद्रों का ऑनलाइन पोर्टल सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। इससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है।
नशाखोरी और बेरोजगारी पर जताई गहरी चिंता
केएम लाल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से इन सभी तकनीकी दिक्कतों को फौरन दूर करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य, जिले, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक योग्य किसानों को लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ती नशाखोरी और बेरोजगारी की समस्या पर भी चिंता जाहिर की।
उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की लत एक बड़ी चुनौती है। इसे रोकने के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर बड़ा जन-जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। रोजगार के नए अवसर पैदा करके ही युवाओं को भटकाव से बचाकर एक सकारात्मक और सही दिशा दी जा सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में छूट की मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के प्रति भी लोगों को जागरूक करने की बात कही। जानकारी के अभाव में कई जरूरतमंद लोग इन सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारतीय रेलवे से एक और बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से पहले वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रेल किराए की छूट को फिर बहाल किया जाए। पहले महिला बुजुर्गों को 50 फीसदी और पुरुषों को 40 फीसदी की रियायत मिलती थी। इसे जनहित में दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।
पंचायती राज चुनावों में गूंजेंगे आम जनता के मुद्दे
हिमाचल प्रदेश में इसी महीने पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव होने जा रहे हैं। केएम लाल ने सभी जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से विशेष आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस चुनावी माहौल में इन सभी जनहित के मुद्दों को पूरी प्रमुखता के साथ उठाया जाना चाहिए।
जब चुनाव में किसानों, युवाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंदों से जुड़े विषय गूंजेंगे, तभी समाज का वास्तविक भला होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इन सामाजिक प्रयासों से ही आम जनता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
Author: Harikarishan Sharma


