सांसद सयानी घोष का सिर कलम करने पर 1 करोड़ का इनाम देने वाले बयान पर बैकफुट पर आए भाजपा नेता प्रदीप दीक्षित

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। यहां के नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष के खिलाफ दिए अपने बेहद विवादास्पद बयान पर बुधवार को गहरा खेद व्यक्त किया है।

प्रदीप दीक्षित ने कुछ दिनों पहले टीएमसी सांसद सयानी घोष का सिर कलम करने वाले को 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम देने की सार्वजनिक घोषणा की थी। इस हिंसक बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में अचानक भूचाल आ गया था और चौतरफा दबाव बढ़ गया था।

सोशल मीडिया पोस्ट देखकर पीड़ा में दिया था हिंसक बयान

भाजपा नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित ने अब इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखकर वह अत्यधिक पीड़ा की अवस्था में आ गए थे।

प्रदीप दीक्षित के अनुसार उस वायरल पोस्ट में भगवान शिव का घोर अपमान किया गया था। इस वजह से उन्होंने भावुक होकर यह कठोर टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने अपने अहिंसक स्वभाव पर जोर देते हुए कहा कि हिंसा उनकी प्रकृति और विचारों का हिस्सा बिल्कुल नहीं है।

सांसद सयानी घोष पहले ही मांग चुकी थीं माफी

भाजपा नेता ने आगे बताया कि उन्हें बाद में इस पूरे मामले की असल सच्चाई का पता चला। उन्हें जानकारी मिली कि सयानी घोष से जुड़ा वह विवादित सोशल मीडिया पोस्ट साल 2015 का था। सांसद ने उस पुरानी गलती के लिए बहुत पहले ही सार्वजनिक माफी मांग ली थी।

दीक्षित ने कहा कि जब सांसद पहले ही माफी मांग चुकी हैं, तो उस संदर्भ में वह भी अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने जनता से भी अपील की कि किसी को भी देवी-देवताओं, संतों या पवित्र पैगंबरों का अपमान करने से हमेशा बचना चाहिए।

सांसद सयानी घोष ने पीएम मोदी और अमित शाह से पूछे सवाल

इससे पहले टीएमसी सांसद सयानी घोष ने मंगलवार को एक्स पोस्ट के जरिए इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी गहरी हैरानी और नाराजगी व्यक्त की थी। वह भाजपा प्रतिनिधि द्वारा अपनी हत्या के लिए इनाम की सार्वजनिक घोषणा से पूरी तरह हतप्रभ और डरी हुई थीं।

सयानी घोष ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या एक महिला सांसद को ऐसी खुली धमकी देना ‘न्यू भारत’ में नारी शक्ति वंदन के विचार के अनुरूप है?

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग

सयानी घोष ने पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस आयुक्त से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से अपने इस हिंसक सदस्य के खिलाफ सख्त राजनीतिक कार्रवाई करने का भी आग्रह किया।

इस पूरे मामले ने देश में महिला जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर एक नई गंभीर बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को लेकर यूपी की कानून व्यवस्था और भाजपा की नीतियों पर लगातार बड़े राजनीतिक हमले कर रहे हैं।

Author: Harikarishan Sharma

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