India News: भारतीय रेलवे ने देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनों में हाल ही में लगी आग की भयावह घटनाओं पर एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है। रेलवे बोर्ड का स्पष्ट कहना है कि इन सभी घटनाओं के पीछे कुछ शातिर असामाजिक तत्वों का बड़ा हाथ है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के अमरपुरा और कोटा में भीषण आग लगी थी। इसके अलावा बंगाल के हावड़ा और बिहार के सासाराम में भी ट्रेनों में अचानक आगजनी का मामला सामने आया था। इन गंभीर हादसों ने रेल प्रशासन के कान खड़े कर दिए थे।
जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा तकनीकी खुलासा
लगातार हो रहे हादसों के बाद भारतीय रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। अब इस आंतरिक जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य खुलकर सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेनों में आगजनी का मुख्य कारण कोई तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट बिल्कुल नहीं है।
रेलवे की विस्तृत फॉरेंसिक जांच टीम को अमरपुरा की घटना में यात्रियों के बिस्तर की चादरों में जानबूझकर आग लगाने के पुख्ता सबूत मिले हैं। वहीं हावड़ा मामले में एक बेहद संवेदनशील एसी कोच के बाथरूम से पेट्रोल में पूरी तरह भीगा हुआ कपड़ा भी बरामद हुआ है।
इसके अलावा कोटा की घटना में राजधानी एक्सप्रेस के टॉयलेट से अचानक तेज लपटें निकलती देखी गई थीं। सासाराम में भी एक खाली खड़े कोच के अंदर किसी अज्ञात उपद्रवी ने खिड़की के रास्ते जलती हुई चीज फेंकी थी। इन प्रमाणों से किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है।
यात्रियों से तुरंत मदद और सतर्क रहने की अपील
इन हैरान करने वाले मामलों के सामने आने के बाद रेल मंत्रालय ने सभी यात्रियों से बेहद सतर्क रहने का पुरजोर अनुरोध किया है। सफर के दौरान अगर ट्रेन में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए, तो तुरंत रेलवे के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें।
अधिकारियों का साफ कहना है कि यात्रियों की एक छोटी सी सजगता किसी भी बड़ी और जानलेवा दुर्घटना को समय रहते रोक सकती है। यह नया अलर्ट मध्य प्रदेश के रतलाम के पास हुई एक बेहद खौफनाक घटना के कुछ ही दिनों बाद जारी किया गया है।
रतलाम के पास बाल-बाल बचे 68 रेल यात्री
पिछले दिनों दिल्ली की तरफ जा रही राजधानी एक्सप्रेस के बेहद वीआईपी एसी कोच बी-1 में सुबह करीब 5:15 बजे अचानक भीषण आग धधक उठी थी। उस समय उस खास डिब्बे में कुल 68 यात्री गहरी नींद में सवार थे। गनीमत रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई।
हालांकि वह आग इतनी तेज थी कि ट्रेन से अलग किए गए कोच से काला और जहरीला धुआं आसमान में ऊंचा उठता दिखा। विकराल आग की लपटें रेलवे ट्रैक के किनारे लगे हरे-भरे पेड़ों तक भी पहुंच गई थीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
इस बड़े हादसे के कारण पूरे रूट पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। प्रशासन को कम से कम 18 महत्वपूर्ण ट्रेनों का समय बदलना पड़ा और कई गाड़ियों को बीच के स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा था। रेलवे अब इन सभी मामलों की गहनता से जांच कर रही है।
Author: Harikarishan Sharma


