केंद्रीय मंत्री के बेटे बंडी भागीरथ ने किया सरेंडर: पॉक्सो मामले में लुक-आउट नोटिस के बाद बड़ा कदम

Telangana News: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भागीरथ ने साइबराबाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में उनके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था। इसके तुरंत बाद आरोपी ने वकीलों के साथ थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। पुलिस फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

कौन हैं केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार?

बंडी संजय कुमार तेलंगाना और देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी का एक बेहद चर्चित चेहरा हैं। वे वर्तमान में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने तेलंगाना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। करीमनगर से सांसद बंडी संजय अपने आक्रामक भाषणों और प्रखर राष्ट्रवाद की राजनीति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं।

विवादों से पुराना नाता: जानिए कौन हैं बंडी भागीरथ?

करीमनगर के राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले 23 वर्षीय बंडी भागीरथ केंद्रीय मंत्री के बड़े बेटे हैं। उनका पूरा नाम बंडी साई भागीरथ है और उन्होंने हैदराबाद की प्रतिष्ठित महिंद्रा यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की है। भागीरथ का विवादों से पुराना नाता रहा है और साल 2023 में भी कॉलेज के एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट करने के मामले में उनका नाम सुर्खियों में आया था।

17 साल की लड़की की मां ने दर्ज कराया गंभीर मुकदमा

साइबराबाद पुलिस ने बंडी भागीरथ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोपी पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस को अंदेशा था कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग सकता है, जिसके बाद लुक-आउट नोटिस जारी हुआ।

कानून के सामने सब बराबर: केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान

बेटे के आत्मसमर्पण पर केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वे देश के कानून और न्यायिक व्यवस्था का पूरा सम्मान करते हैं। मंत्री के मुताबिक कानून के सामने आम और खास सभी नागरिक पूरी तरह बराबर हैं। उन्होंने कानूनी सलाह और सबूतों की जांच के बाद ही अपने बेटे को जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भेजा है।

5 करोड़ रुपये की रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का जवाबी आरोप

इस पूरे संवेदनशील मामले में नया मोड़ तब आया जब बंडी भागीरथ की तरफ से पुलिस में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई गई। इस शिकायत में लड़की और उसके परिवार पर गंभीर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए गए हैं। आरोपी पक्ष का दावा है कि जबरन शादी का दबाव बनाने और मना करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई थी। शिकायत के मुताबिक दबाव में पहले 50 हजार रुपये दिए गए और बाद में 5 करोड़ रुपये मांगे गए।

केंद्रीय मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त करने की उठी मांग

इस घटनाक्रम के बाद तेलंगाना की सियासत में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं। वरिष्ठ नेता के. कविता ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार को पद से हटाने की मांग की है। विपक्ष का तर्क है कि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री का पद पर रहना ठीक नहीं है। इस बीच तेलंगाना हाई कोर्ट ने भी बंडी भागीरथ की अग्रिम जमानत याचिका पर अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।

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