Delhi News: नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार बेहद सख्त है। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां मोर्चा संभालेंगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्च स्तरीय बैठक कर पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का भरोसा कायम रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछली परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद, इस बार किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर रहेगा कड़ा पहरा
परीक्षा को गुमराह करने वाली अफवाहों से निपटने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की है। टेलीग्राम चैनलों और गुमनाम ऑनलाइन ग्रुपों के जरिए फैलाई जाने वाली भ्रामक सूचनाओं को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
मंत्रालय और एनटीए ने उन सक्रिय चैनलों की पहचान की है जो बड़ी परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक के झूठे दावे करते हैं। खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध फोन नंबरों का ब्यौरा भी साझा किया है जो संगठित तरीके से भ्रम फैलाते हैं। इन गिरोहों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और शिक्षा मंत्रालय मिलकर काम करेंगे।
एनटीए में बड़े प्रशासनिक सुधार
डॉ. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर एनटीए की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। संस्था में संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के चार वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। साथ ही, चीफ टेक्निकल ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और जनरल मैनेजर (एचआर) जैसे प्रमुख पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी 31 मई तक शुरू कर दी गई है।
सरकार की मंशा साफ है कि छात्रों को एक निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले। मंत्रालय ने एनटीए को परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी।
Author: Asha Thakur

