बर्गेनस्टाक में महावार्ता! 47 साल की दुश्मनी भूल आज आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान, क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट

World News: दुनिया की राजनीति में शुक्रवार को एक नया इतिहास रचने जा रहा है। पूरे 47 वर्षों की पुरानी कटुता और 107 दिनों तक चले भीषण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान ऐतिहासिक शांति वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे। दोनों देशों के बीच यह महावार्ता स्विट्जरलैंड के खूबसूरत बर्गेनस्टाक रिजॉर्ट में आयोजित की जा रही है।

इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले बुधवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में एक ऐतिहासिक 14 सूत्रीय प्रारंभिक समझौता मसौदे (एमओयू) पर अपने हस्ताक्षर किए। इस शांति समझौते को आधिकारिक तौर पर ‘इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का नाम दिया गया है।

तेहरान में मौजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस पर डिजिटल दस्तखत किए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि डिजिटल हस्ताक्षरों के साथ ही यह समझौता तत्काल प्रभाव से पूरी दुनिया में लागू हो गया है।

पाकिस्तान और कतर के बड़े अधिकारी भी रहेंगे मौजूद

स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आज होने वाली इस ऐतिहासिक आमने-सामने की वार्ता में अमेरिका और ईरान के मुख्य प्रतिनिधियों के साथ मध्यस्थ देश पाकिस्तान और कतर के उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक के जरिए दोनों देशों के बीच भविष्य के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा होगी।

समझौते की खबर मिलते ही वैश्विक बाजारों ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें करीब दो फीसदी तक तेजी से गिरकर तीन महीने के सबसे निचले स्तर यानी 78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। वैश्विक शेयर बाजारों में भी भारी उछाल देखा गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से हटी अमेरिकी नाकेबंदी

ईरान युद्ध के बाद पहली बार समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से सऊदी अरब के तीन विशाल सुपरटैंकर सुरक्षित बाहर निकले हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने आधिकारिक तौर पर ‘एक्स’ पर जानकारी साझा की है कि ईरानी बंदरगाहों से उनकी नौसेना की नाकेबंदी को पूरी तरह से हटा लिया गया है।

व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने दर्जनों जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अमेरिका में आम जनता के लिए घरेलू गैस की कीमतें भी युद्ध से पहले के स्तर यानी 4 डॉलर प्रति गैलन से नीचे आ गई हैं।

60 दिनों के युद्धविराम और 300 अरब डॉलर के पैकेज पर बनी सहमति

रॉयटर्स के अनुसार, इस 14 बिंदुओं वाले प्रारंभिक मसौदे के तहत दोनों देशों के बीच फिलहाल 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम पर सहमति बनी है। इस शांति अवधि के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम के निपटान और विदेशों में फ्रीज पड़ी ईरानी संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने पर चर्चा होगी।

इसके साथ ही ईरान के विकास और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका समर्थित 300 अरब डॉलर के एक बड़े आर्थिक कार्यक्रम पर भी सहमति बन गई है। इस पूरी अवधि के दौरान ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में यथास्थिति बनाए रखेगा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में काम करेगा।

वर्साय पैलेस और 107 दिनों के संघर्ष का यह रोचक संयोग

इस शांति समझौते के कारण फ्रांस का ऐतिहासिक वर्साय पैलेस एक बार फिर दुनिया के केंद्र में आ गया है। साल 1919 में प्रथम विश्व युद्ध को समाप्त करने वाली प्रसिद्ध ‘वर्साय की संधि’ भी इसी महल में हुई थी। अब ठीक 107 वर्ष बाद इसी पवित्र स्थान पर ट्रंप ने ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अपनी व्यक्तिगत आपत्तियों के बावजूद इस समझौते को अपनी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस समझौते में ईरान के अधिकारों और ‘रेजिस्टेंस फ्रंट’ के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।

Author: Pallavi Sharma

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