World News: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के अधिकारों और धार्मिक आस्था पर हो रहे हमलों के खिलाफ अल्पसंख्यक हिंदू छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। भगवान राम के प्रति किए गए कथित अपमान और दुर्व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को राजधानी ढाका में एक विशाल विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
आक्रोशित छात्रों का आरोप है कि हाल ही में एक हिंसक और कट्टरपंथी भीड़ ने भगवान राम के विग्रह पर जूता रखकर उसका घोर अपमान किया। छात्रों ने इसे पूरे हिंदू समाज और सनातन धर्म के लिए एक बड़ी चुनौती और बेहद दर्दनाक अपमान बताया है।
इस घटना के विरोध में हिंदू छात्रों ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए 72 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है, जिसकी समय सीमा अब समाप्त हो रही है।
शाहबाग चौराहे को घेरने की बड़ी तैयारी
छात्र संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि सरकार को दी गई समय सीमा खत्म होने के बाद शुक्रवार की दोपहर को राजधानी ढाका के सबसे प्रमुख शाहबाग चौराहे पर एक महाआंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस बड़े विरोध-प्रदर्शन में देश भर से हजारों की संख्या में हिंदू छात्र शामिल होंगे।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन एकता परिषद के वरिष्ठ सदस्य ने इस दुखद घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमारे आराध्य भगवान राम का सरेआम अपमान किया गया है। इस कायराना हरकत से पूरी दुनिया में रह रहे सनातनी समुदाय को गहरी पीड़ा हुई है।
बांग्लादेश छात्र एकता परिषद के मुख्य संयोजक नवेल्टी राय उदय ने अल्पसंख्यकों के भविष्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो कुछ भी हो रहा है, अगर वह अगले 10 वर्षों तक ऐसे ही जारी रहा, तो यहाँ से हिंदू समुदाय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में बनने वाली 81 फुट ऊंची भगवान राम की भव्य प्रतिमा का निर्माण कार्य भी रोक दिया गया है। कट्टरपंथी इस्लामिक समूहों की लगातार मिल रही धमकियों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है, जिसने इस बड़े देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की आग को और भड़का दिया है।
Author: Pallavi Sharma


