Washington News: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने सैन्य अभियानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पेंटागन ने घोषणा की कि उसने सात प्रमुख टेक कंपनियों के साथ समझौता किया है। इन कंपनियों की उन्नत एआई क्षमताओं को अब सेना के ‘गुप्त’ (Secret) और ‘अति-गुप्त’ (Top-Secret) नेटवर्क पर तैनात किया जाएगा। इस ऐतिहासिक सौदे में स्पेसएक्स, ओपनएआई, गूगल, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजोन और रिफ्लेक्शन एआई शामिल हैं। हालांकि, एआई स्टार्टअप ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) को इस सूची से बाहर रखा गया है, जिसे प्रशासन ने सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच बढ़ता विवाद
पेंटागन और एंथ्रोपिक के बीच सुरक्षा उपायों को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। एंथ्रोपिक ने अपने एआई मॉडल ‘क्लाउड’ (Claude) का उपयोग स्वायत्त हथियारों या नागरिकों की व्यापक निगरानी के लिए करने से इनकार कर दिया था। इसके जवाब में, रक्षा विभाग ने इस साल की शुरुआत में एंथ्रोपिक को ‘आपूर्ति श्रृंखला के लिए खतरा’ (Supply Chain Risk) घोषित कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद पेंटागन और उसके ठेकेदारों द्वारा एंथ्रोपिक के उत्पादों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कंपनी फिलहाल इस फैसले के खिलाफ अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
सैन्य नेटवर्क में एआई का गहरा एकीकरण
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी सेना को ‘AI-First’ फोर्स में बदलना है। पेंटागन इन एआई सिस्टम को अपने ‘इम्पैक्ट लेवल 6’ (IL6) और ‘इम्पैक्ट लेवल 7’ (IL7) नेटवर्क में एकीकृत करेगा। ये नेटवर्क सैन्य डेटा के विश्लेषण, युद्धक्षेत्र की बेहतर समझ और जटिल अभियानों में त्वरित निर्णय लेने में मदद करेंगे। रक्षा विभाग का कहना है कि सात अलग-अलग प्रदाताओं के साथ काम करने से ‘वेंडर लॉक’ (किसी एक कंपनी पर निर्भरता) की समस्या नहीं होगी और सेना के पास हमेशा आधुनिक विकल्पों की विविधता बनी रहेगी।
रिफ्लेक्शन एआई और ट्रंप जूनियर का कनेक्शन
इस समझौते में शामिल ‘रिफ्लेक्शन एआई’ (Reflection AI) विशेष रूप से चर्चा में है। इस स्टार्टअप को ‘1789 कैपिटल’ नाम की वेंचर कैपिटल फर्म का समर्थन प्राप्त है। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति के बेटे, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, इस फर्म में एक प्रमुख भागीदार और निवेशक हैं। रिफ्लेक्शन एआई जैसी नई कंपनियों के शामिल होने से यह भी साफ होता है कि पेंटागन अब पारंपरिक डिफेंस ठेकेदारों के बजाय सिलिकॉन वैली के नए और तेजी से बढ़ते एआई स्टार्टअप्स पर ज्यादा भरोसा दिखा रहा है।
GenAI.mil: सेना का नया डिजिटल हथियार
पेंटागन के मुख्य एआई प्लेटफॉर्म ‘GenAI.mil’ का उपयोग अब तक 13 लाख से अधिक सैन्य कर्मी कर रहे हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, एआई के उपयोग से वे कार्य जो पहले महीनों में पूरे होते थे, अब मात्र कुछ दिनों में संपन्न हो रहे हैं। नई डील के बाद, अब गोपनीय स्तर पर भी इन एआई मॉडलों का उपयोग रसद (Logistics), योजना और लक्ष्यों के निर्धारण के लिए किया जा सकेगा। गूगल ने भी इसी सप्ताह एक अलग सौदे के तहत अपने सबसे शक्तिशाली मॉडल ‘जेमिनी 3.1 प्रो’ को वर्गीकृत कार्यों के लिए उपलब्ध कराया है।
सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियां
पेंटागन के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एमिल माइकल ने स्पष्ट किया है कि एआई का उपयोग पूरी तरह से ‘कानूनी परिचालन’ के लिए किया जाएगा। हालांकि, एआई के सैन्य उपयोग को लेकर मानवाधिकार संगठनों और कुछ वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि बिना मानवीय हस्तक्षेप वाले घातक हथियारों में एआई का प्रयोग खतरनाक हो सकता है। इसके बावजूद, अमेरिका वैश्विक स्तर पर एआई की दौड़ में चीन और रूस से आगे रहने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह एआई-संचालित बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।


