‘ईरान की सेना और नौसेना पूरी तरह तबाह…’, ट्रंप का महा-ऐलान, क्या दो हफ्ते में होगा आखिरी और सबसे बड़ा प्रहार?

US News: ईरान के साथ चल रहे भयंकर युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम अपने खास संबोधन में ट्रंप ने ईरान को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान को पूरी तरह से घुटनों पर ला दिया है। ईरान की नौसेना, वायुसेना और आईआरजीसी के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन हफ्ते में अमेरिका एक और बहुत जोरदार हमला करेगा। इस ऐलान ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।

ईरान को कभी नहीं बनने देंगे परमाणु ताकत

ट्रंप ने अपने बीस मिनट के भाषण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा कूटनीति के जरिए मामले सुलझाना चाहता था। लेकिन ईरान ने शांति के सभी प्रयासों को ठुकरा दिया। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं मिलेगी। अमेरिका अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब है। युद्ध के जो भी लक्ष्य तय किए गए थे, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

वेनेजुएला पर कब्जे और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का दावा

अपने संबोधन में ट्रंप ने वेनेजुएला का भी प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी सेना की उस तेज कार्रवाई की जमकर तारीफ की। इस घातक ऑपरेशन से कुछ ही मिनटों में वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण हो गया था। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका अब वेनेजुएला के विशाल तेल और गैस भंडारों को विकसित कर रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ऊर्जा के मामले में अमेरिका अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन चुका है। वह केवल अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए मध्य-पूर्व में अपनी मौजूदगी बनाए हुए है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की अब अमेरिका को जरूरत नहीं

ट्रंप ने व्यापारिक दृष्टि से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब इस समुद्री रास्ते पर बिल्कुल भी निर्भर नहीं है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज के बंद होने का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कोई भी असर नहीं पड़ा है। इसके विपरीत अमेरिका की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों को छू रही है। ट्रंप ने उन देशों पर कड़ा तंज कसा जिन्होंने होर्मुज खुलवाने में अमेरिका का साथ नहीं दिया था। उन्होंने नसीहत दी कि ऐसे देशों को अब अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए। जब युद्ध खत्म होगा तो यह रास्ता खुद ही खुल जाएगा।

सहयोगी देशों की रक्षा और रिजीम चेंज का वादा

ट्रंप ने खाड़ी देशों को भरोसा दिलाया कि अमेरिका हर हाल में उनकी रक्षा करेगा। उन्होंने ईरान के आक्रामक मिसाइल ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने का संकल्प दोहराया। इसके अलावा ईरान में सत्ता परिवर्तन यानी रिजीम चेंज का वादा भी प्रमुखता से किया गया। ट्रंप ने तेहरान की इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया कि वाशिंगटन अतार्किक मांगें कर रहा है। ट्रंप ने पूरी ठसक के साथ कहा कि अब ईरान कोई खतरा नहीं बचा है और सारे अहम पत्ते अमेरिका के ही हाथ में हैं।

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