मंगलवार को ईरान पर होगा सबसे भयंकर हमला? ट्रंप की धमकी पर ईरान का अड़ियल जवाब- ‘चाबियां खो गईं’

World News: मिडिल ईस्ट में अब महायुद्ध का भारी खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक आखिरी और सख्त अल्टीमेटम दे दिया है। ट्रंप ने मंगलवार तक युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की कड़ी चेतावनी दी है। लेकिन ईरान अमेरिका की इस धमकी से बिल्कुल नहीं डरा है। ईरान ने वाशिंगटन की चेतावनी का खुलेआम मजाक उड़ाया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है।

ट्रंप ने दी ईरान को तबाह करने की धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बहुत ही आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर मंगलवार तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला तो बड़ा हमला होगा। अमेरिका अब तक का सबसे भयंकर सैन्य हमला करने की तैयारी कर चुका है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि शांति समझौता न होने पर वह पूरे ईरान को तबाह कर देंगे। अमेरिकी सेना को किसी भी वक्त बड़े हमले के सीधे आदेश मिल सकते हैं।

ईरान ने उड़ाया ट्रंप की धमकी का मजाक

अमेरिका की इस विनाशकारी धमकी के बाद भी ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। जिम्बाब्वे में स्थित ईरानी दूतावास ने इस पर एक बहुत ही रहस्यमयी टिप्पणी की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने होर्मुज का रास्ता खोलने वाली चाबियां खो दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप के अल्टीमेटम का उपहास उड़ाते हुए अगला अनुरोध भेजने की बात कही। ईरान का यह रवैया अमेरिका को लगातार भड़का रहा है।

दबाव में नहीं आ रहा है ईरानी प्रशासन

ईरान के इस बेबाक जवाब से पूरी दुनिया में भारी हैरानी जताई जा रही है। यह साफ हो गया है कि ईरानी सरकार अमेरिका के किसी दबाव में नहीं आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने सोच-समझकर यह कड़ा रुख अपनाया है। वह अमेरिका को खुली चुनौती देकर अपनी ताकत का बड़ा प्रदर्शन कर रहा है। व्हाइट हाउस में ईरान के इस अड़ियल रवैये को लेकर आपातकालीन और गुप्त बैठकें लगातार चल रही हैं।

होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का पूरा कब्जा

मिडिल ईस्ट में चल रहे इस भारी सैन्य तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कब्जा है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह समुद्री मार्ग पूरी दुनिया के व्यापार के लिए बहुत ज्यादा अहम माना जाता है। वैश्विक बाजार का करीब बीस प्रतिशत तेल और गैस इसी छोटे से रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान ने इस रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक करके भारी दहशत फैला दी है।

तेल आपूर्ति रुकने से दुनिया भर में हाहाकार

होर्मुज का रास्ता बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। इसका सीधा असर भारत समेत कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने की कगार पर आ गई हैं। शेयर बाजारों में भारी गिरावट और वैश्विक व्यापार में भारी अनिश्चितता का बड़ा माहौल बहुत तेजी से बन रहा है।

ईरान की नई शर्त: पहले चुकाओ पूरा मुआवजा

ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है। ईरानी सरकार का स्पष्ट कहना है कि पहले उसे युद्ध में हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। ईरान इस बात पर पूरी तरह अड़ा है कि या तो उसे हर्जाना मिले या वह सभी जहाजों पर भारी टैक्स वसूलेगा।

मंगलवार की डेडलाइन से बढ़ी भारी घबराहट

डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की जो डेडलाइन दी है, उससे दुनिया भर में घबराहट फैल गई है। ट्रंप ने अपनी योजना साफ कर दी है कि वह ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाएंगे। अमेरिकी सेना ईरान के बड़े बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर सकती है। दोनों तरफ से हथियारों की भारी तैनाती की जा रही है। मंगलवार का दिन मिडिल ईस्ट के भविष्य के लिए बहुत ही निर्णायक साबित होगा।

ईरानी संसद ने किया अमेरिका पर तीखा पलटवार

इस खतरनाक अल्टीमेटम के बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि ट्रंप अमेरिका को एक जीते-जी नरक में धकेलने का काम कर रहे हैं। गालिबफ ने गंभीर आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इशारों पर नाच रहा है। ईरान के नेताओं का कहना है कि वे अपने देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

खतरनाक मोड़ पर पहुंचा मिडिल ईस्ट का संकट

मौजूदा हालातों को देखकर यह बिल्कुल साफ है कि यह संकट अब बहुत ही खतरनाक मोड़ पर है। सैन्य तनाव और कूटनीतिक बयानबाजी के कारण शांति की सभी उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब सीधे वॉशिंगटन और तेहरान की मंगलवार की डेडलाइन पर टिकी हैं। मंगलवार की समय सीमा समाप्त होते ही एक बड़े विनाशकारी युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है। दुनिया भर में इस महायुद्ध को लेकर भारी डर है।

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