International News: ईरान के साथ एक महीने से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति और मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यूएसएस त्रिपोली पर सवार करीब 3500 मरीन और नौसैनिक शनिवार को सेंटकॉम क्षेत्र में पहुंच गए। यह पिछले 20 वर्षों में मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की सबसे बड़ी तैनाती है।
यूएसएस त्रिपोली पर सवार 3500 सैनिक पहुंचे
अमेरिकीसेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ये सैनिक 27 मार्च को उसके जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंचे। तस्वीरों में मरीन सैनिक युद्ध वर्दी, हेलमेट और चश्मे पहने दिखे। यूएसएस त्रिपोली एक उभयचर हमला जहाज है। यह हमलावर जहाज परिवहन, स्ट्राइक फाइटर विमानों और मरीन सैनिकों को ले जाने में सक्षम है।
क्षेत्र में पहले से 50 हजार सैनिक तैनात
येअतिरिक्त बल क्षेत्र में पहले से तैनात करीब 50 हजार अमेरिकी सैनिकों को मजबूती देंगे। यह तैनाती जापान में तैनात 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा है। यह यूनिट पहले ताइवान के आसपास अभ्यास कर रही थी। दो सप्ताह पहले इसे मध्य पूर्व भेजने का आदेश मिला। इसके अलावा, यूएसएस बॉक्सर और दो अन्य जहाजों के साथ 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को भी सैन डिएगो से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है।
जमीनी अभियान की अटकलें तेज
इस बड़ीतैनाती से विशेषज्ञों और मीडिया में अटकलें तेज हो गई हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, वाशिंगटन ईरान के अंदर संभावित जमीनी अभियान की तैयारी कर रहा है। अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्य पूर्व में सैन्य विकल्पों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध कराना है। क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य क्षमता अब और बढ़ गई है।


