Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भारतीय समयानुसार रात करीब 1.45 बजे इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि की। इससे पूरे मिडल ईस्ट क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है।
अमेरिकी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने ईरान के चाबहार पोर्ट, अबू मूसा आइलैंड, बंदर अब्बास, सिरिक और बुशहर जैसे महत्वपूर्ण शहरों को निशाना बनाया है। मिसाइल हमलों के बाद चाबहार शहर की बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। ईरान के कई तटीय इलाकों में लगातार बड़े धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की कड़ी चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में इस कार्रवाई को बिल्कुल सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हुए बम हमलों का बदला है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसी गुस्ताखी की गई तो इसके अंजाम बहुत बुरे होंगे।
यह हमला उस समय हुआ है जब ईरान अपने दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी कर रहा है। आज ही मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। इस नाजुक वक्त में हुए हमले के बाद ईरानी सेना ने कई शहरों में अपना एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत एक्टिवेट कर दिया है।
शांति समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ा सैन्य तनाव
दोनों देशों के बीच बीती 17 जून को एक सीजफायर समझौता हुआ था जिससे शांति की उम्मीद जगी थी। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर हुई उच्च स्तरीय वार्ता पूरी तरह विफल रही। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों से ठीक पहले इस शांति समझौते को खत्म करने का औपचारिक एलान कर दिया था।
ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार किया है। उन्होंने कुरान की आयत साझा करते हुए लिखा कि हमलावर दुश्मन और उसके साथियों को कड़ी सजा दी जाएगी। इससे पहले 8 जुलाई को भी खाड़ी देशों में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।

