Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। सरकार की हिमकेयर और केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल का करीब 14 करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है। इसके चलते हृदय रोगियों के इलाज के लिए जरूरी उपकरणों की सप्लाई ठप हो गई है।
चमियाणा अस्पताल में इस समय नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी सहित नौ महत्वपूर्ण विभागों में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं चल रही हैं। यहां कार्डियोलॉजी विभाग को शिफ्ट हुए एक साल बीत चुका है। लेकिन बजट न मिलने से मरीजों को पेसमेकर और स्टेंट जैसे महंगे जीवन रक्षक उपकरण मुफ्त नहीं मिल पा रहे हैं
बजट संकट से गरीब और मध्यम वर्ग पर बढ़ा अतिरिक्त वित्तीय बोझ
योजनाओं का लाभ न मिलने से मरीजों को महंगे उपकरण और जरूरी दवाएं खुले बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। इसके अलावा हृदय रोग के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले सामान और महंगे टेस्ट भी मरीज अपने खर्च पर करवा रहे हैं। इस अव्यवस्था से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुधीर शर्मा ने बताया कि केवल कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस विभाग में ही महंगे उपकरणों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आईजीएमसी अस्पताल को दवाओं की सप्लाई करने वाला मुख्य वेंडर ही चमियाणा संस्थान को भी सामान देता है। पुराना भुगतान बकाया होने के कारण वेंडर ने नई डिलीवरी फिलहाल रोक दी है।
आईजीएमसी अस्पताल में भी 100 करोड़ से ज्यादा का भुगतान बकाया
चमियाणा अस्पताल के अलावा आईजीएमसी शिमला में भी हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना का 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। इसमें अकेले हिमकेयर योजना के करीब 63 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत ढाई करोड़ रुपये जारी होने के बावजूद अभी भी 40 करोड़ रुपये का क्लेम फंसा हुआ है।

