Ahmedabad News: अमेरिका ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गुजरात की हाई सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई लगातार व्हाट्सऐप कॉल का इस्तेमाल कर रहा है। उसने जेल के भीतर से ही कई फोन कॉल और मैसेज किए हैं।
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई ने इन मोबाइल ऐप्स के जरिए अमेरिका के लॉस एंजिल्स और थाउजेंड ओक्स में रहने वाले पीड़ितों को डराया। उसने वहां के कारोबारियों से लगभग 41 करोड़ रुपये (5 मिलियन डॉलर) की भारी-भरकम रंगदारी वसूलने की खतरनाक कोशिश की थी।
खालिस्तानी कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी लगा आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग ने लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे उसके मुख्य साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर बड़ा आरोप लगाया है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्होंने ही प्रतिबंधित खालिस्तानी कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का सीधा आदेश दिया था। इनका सिंडिकेट लगातार बड़े नेताओं को निशाना बनाता है।
लॉरेंस बिश्नोई की वकील रजनी खत्री ने इन अमेरिकी दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, उनका मुवक्किल साल 2023 से साबरमती जेल के एकांत कारावास में बंद है। वह वहां 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी में रहता है। ऐसे में बिना पुख्ता सबूतों के इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जेल की कोठरी से चल रहा है रंगदारी और हत्याओं का पूरा सिंडिकेट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैंगस्टर बिश्नोई के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 303 लागू कर रखी है। इसके तहत उसे जेल से बाहर ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। साल 2022 की एनआईए (NIA) की चार्जशीट के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई पर देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 84 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि बिश्नोई ने जेल में स्मगल कर लाए गए प्रतिबंधित सेलफोन और वॉयस-ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) उपकरणों का इस्तेमाल किया है। एनआईए ने भी पहले कहा था कि वह जेल के अंदर से अपना पूरा गैंग ऑपरेट करने में बेहद माहिर है और वहीं से सारे निर्देश देता है।
सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से तुलना
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश का भी पूरा ब्योरा दर्ज है। जब इस हत्याकांड की योजना बनी, तब लॉरेंस और उसके साथी देश की अलग-अलग जेलों में बंद थे। इसके बावजूद वे कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के साथ लगातार संपर्क में बने हुए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस सिंडिकेट द्वारा जबरन वसूली से कमाए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा विदेश भेजा जाता है। इस फंड का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी होता है। एनआईए ने बिश्नोई की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से की है, जिसने जेल से अपना साम्राज्य खड़ा किया था।

