क्या मोबाइल ऐप से हैक हो सकती है एटीएम मशीन? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का पूरा सच

Delhi News: दिल्ली में बैट बीएमएस ऐप (BAT BMS App) के जरिए ई-रिक्शा को ब्लूटूथ से कंट्रोल किए जाने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ऐप की मदद से एटीएम मशीन को बंद और चालू करने का दावा किया जा रहा है।

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हालांकि, इस वायरल वीडियो के दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस पर अपनी राय देते हुए स्पष्ट किया है कि एटीएम मशीन और ई-रिक्शा को नियंत्रित करने वाली तकनीक पूरी तरह से अलग और भिन्न होती है।

सुरक्षित बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ी होती हैं एटीएम मशीनें

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी सामान्य मोबाइल ऐप से एटीएम को हैक करना या उसे नियंत्रित करना पूरी तरह असंभव है। एटीएम मशीनें किसी खुले वायरलेस नेटवर्क या ब्लूटूथ से काम नहीं करती हैं, बल्कि वे सीधे बैंक के अत्यंत सुरक्षित और निजी सर्वर से जुड़ी होती हैं।

वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई यह हो सकती है कि एटीएम मशीन अपने सामान्य शेड्यूल के तहत रीबूट यानी रीस्टार्ट हो रही हो। वीडियो बनाने वाले ने बिल्कुल सही टाइमिंग का फायदा उठाकर मोबाइल ऐप का इस्तेमाल दिखाया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

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एन्क्रिप्टेड डेटा और कई स्तरों की सुरक्षा प्रणाली

बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत एटीएम में सुरक्षा के कई पुख्ता इंतजाम होते हैं। मशीन और मुख्य बैंक सर्वर के बीच होने वाला हर तरह का डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहता है। इसमें सिक्योर हार्डवेयर, पिन एन्क्रिप्शन और लगातार होने वाले सिक्योरिटी अपडेट जैसे कई एडवांस सिस्टम काम करते हैं।

धोखाधड़ी करने वाले अपराधी कभी भी सीधे ऐप से एटीएम कंट्रोल नहीं करते हैं। इसके लिए वे कार्ड स्किमिंग, मालवेयर अटैक, कैश ट्रैपिंग या सोशल इंजीनियरिंग जैसी अन्य आपराधिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए ई-रिक्शा वाले मामले को एटीएम से जोड़ना पूरी तरह गलत है।

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