Dehradun News: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की मूसलाधार बारिश ने आफत मचा दी है। पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन और भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। टिहरी में एक पुरानी इमारत मलबे में तब्दील हो गई, जबकि हिमाचल के चंबा और कुल्लू में लैंडस्लाइड से कई मुख्य मार्ग और हाईवे पूरी तरह बंद हो गए हैं।
टिहरी में ढहा मकान और बंद हुई कई मुख्य सड़कें
उत्तराखंड के टिहरी जिले में कल से लगातार भारी बारिश हो रही है। चंबा-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग-707A पर कद्दूखाल के पास भूस्खलन से एक पुराना भवन जमींदोज हो गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सतर्कता दिखाते हुए खतरे वाले क्षेत्र को पहले ही खाली करा लिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 19 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
प्रशासन ने स्कूलों में घोषित किया एक दिन का अवकाश
टिहरी के जिलाधिकारी ने इस प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों सहित आंगनबाड़ियों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल के चंबा में लैंडस्लाइड से बढ़ा भारी खतरा
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पांगी में लैंडस्लाइड का एक डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, मैहला विकास खंड की बलोठ पंचायत में भारी भूस्खलन से सात वार्डों का संपर्क कट गया है। इस वजह से करीब 2500 की आबादी गांवों में कैद हो गई है और 50 परिवारों के घरों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में धंस गई मुख्य सड़क
कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के घटीगढ़ में भी प्रकृति का कहर देखने को मिला है। यहां मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। पहाड़ी से लगातार बड़े पत्थर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की वजह से पठानकोट-मंडी हाईवे सहित कुल 26 मुख्य सड़कें बंद हो चुकी हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 15 जुलाई तक मॉनसून आक्रामक रहेगा। विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जुलाई के तीसरे हफ्ते तक पहाड़ों में बारिश सक्रिय रहेगी और 23 जुलाई के बाद ही मॉनसून की रफ्तार कुछ कम होगी।
लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के चलते नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और आम जनता को सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों को खराब मौसम में यात्रा न करने और भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दी गई है।

