Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सीबीएससी से जुड़े सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने 3,468 विभिन्न टीचिंग पदों पर बड़ी भर्ती का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एक अहम बैठक के बाद इस बड़े फैसले की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
चयन आयोग हमीरपुर को भेजी मांग, भरे जाएंगे नियमित पद
इस बड़े शिक्षक भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 3,468 पदों को भरा जाएगा। इनमें से 2,668 नियमित पद शामिल हैं, जो 19 अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों के लिए निर्धारित हैं। राज्य सरकार ने इन नियमित पदों की भर्ती के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर को आधिकारिक मांग भेज दी है।
अस्थायी पदों पर अंग्रेजी और गणित शिक्षकों की होगी नियुक्ति
नियमित पदों के अलावा सरकार इस अभियान में 800 अस्थायी पद भी भरने जा रही है। इनमें से 400 पद अंग्रेजी और 400 पद गणित विषय के शिक्षकों के लिए तय किए गए हैं। सरकार जल्द ही संस्कृत, फिजिकल एजुकेशन, म्यूजिक, ड्राइंग, साइंस, कॉमर्स और कंप्यूटर साइंस जैसे अहम विषयों के पदों को भी भरेगी।
राज्य के 146 सरकारी स्कूलों को मिली सीबीएससी मान्यता
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के कुल 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएससी बोर्ड से जोड़ने की मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत अब तक 146 स्कूलों को सीबीएससी की मान्यता मिल चुकी है। इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 292 अंग्रेजी और 284 गणित शिक्षक ज्वाइन कर चुके हैं।
डिजिटल पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलेंगे नए टैबलेट
राज्य सरकार स्कूलों को आधुनिक और हाईटेक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी पर विशेष जोर दे रही है। पिछले तीन वर्षों के दौरान सरकार ने 9,359 मेधावी छात्रों को मुफ्त टैबलेट वितरित किए हैं। बाकी बचे हुए पात्र छात्रों को भी जल्द ही डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया जाएगा।
सभी स्कूलों में लगेगा इंटरनेट और बदलेंगे पुराने कंप्यूटर
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को अब आईसीटी नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। डिजिटल पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पहली बार 524 स्कूलों में पुराने कंप्यूटर बदलने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त बीएसएनएल ने भी 777 स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क के लिए अपना टेंडर फाइनल कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में जल्द ही एक एडवांस एआई यूनिवर्सिटी बनाने की योजना पर भी गंभीरता से काम कर रही है। इसके साथ ही जो बच्चे किसी कारणवश बीच में ही स्कूल छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर वापस मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।

