Tehran News: पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक विदेशी कंटेनर पोत अचानक फंस गया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक यह गंभीर घटना जहाज द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने की वजह से हुई है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने पोत की पहचान रखी पूरी तरह गुप्त
ईरानी मीडिया ने प्रभावित पोत को केवल एक विदेशी कंटेनर जहाज बताया है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और सुरक्षा कारणों के चलते जहाज की राष्ट्रीयता, उसके वास्तविक स्वामित्व, गंतव्य या उस पर लदे माल से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी अभी तक दुनिया के सामने सार्वजनिक नहीं की गई है।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसकी अर्द्धसैनिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौवहन निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि समुद्री सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन के लिए इन नियमों को मानना हर हाल में जरूरी है।
अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते के बाद भी बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले से ही क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ा हुआ है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक अंतरिम समझौते में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमति बनी थी।
इस द्विपक्षीय समझौते के बावजूद पिछले पूरे सप्ताहांत पश्चिम एशिया के इस समुद्री इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण बने रहे। ईरान की इस ताजा कार्रवाई को वैश्विक व्यापार विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और व्यापारिक जहाजों को डराने की एक नई कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
ओमान और संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षित मार्ग के लिए शुरू किए प्रयास
समुद्री संकट के इस दौर में ओमान और संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों मिलकर ओमान के तट के पास एक नया और सुरक्षित वैकल्पिक नौवहन मार्ग विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वैश्विक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बनी रहे।
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक समुद्री तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा हर रोज इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है, जिससे पूरी दुनिया के देशों में ईंधन की आपूर्ति की जाती है।
वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा बुरा असर
खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक के लिए यह जलमार्ग उनकी आर्थिक जीवनरेखा माना जाता है। इस संवेदनशील रूट पर किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या लॉजिस्टिक व्यवधान सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को भड़का सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही महंगाई के दबाव में है, ऐसे में इस मार्ग के बाधित होने से समुद्री परिवहन लागत काफी बढ़ जाएगी। यदि यह संकट जल्द नहीं सुलझा, तो दुनिया भर में सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हितों को बड़ा नुकसान पहुंचेगा।

