New Delhi News: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क को सोमवार को ग्लोबल शेयर मार्केट से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। स्पेसएक्स के शेयरों में आई भारी गिरावट के कारण मस्क ने महज 24 घंटे के भीतर 152 अरब डॉलर (लगभग 14.38 लाख करोड़ रुपये) की भारी रकम गंवा दी है।
यह नुकसान इतना बड़ा है कि दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट की जीवनभर की कुल नेटवर्थ से भी अधिक है। स्पेसएक्स के शेयर सोमवार को करीब 16.43 प्रतिशत तक टूटकर 154.60 डॉलर पर बंद हुए। मस्क के पास कंपनी के करीब 4.76 अरब शेयर हैं, जिससे उनकी संपत्ति में यह रिकॉर्ड गिरावट आई है।
ग्लोबल मार्केट में मंदी से अन्य दिग्गज अरबपतियों की भी डूबी भारी दौलत
सोमवार का दिन दुनिया के अन्य अमीर कारोबारियों के लिए भी काफी नुकसानदेह साबित हुआ। टेक इंडस्ट्री और अन्य सेक्टर्स के बड़े दिग्गजों की नेटवर्थ में भी भारी कमी आई है। गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज को 14.4 अरब डॉलर और सर्गेई ब्रिन को 13.2 अरब डॉलर का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके अलावा अमेज़न के जेफ बेजोस ने 10.1 अरब डॉलर और लैरी एलिसन ने 8.46 अरब डॉलर गंवाए। वहीं मेटा के मार्क जुकरबर्ग की दौलत 4.56 अरब डॉलर और लग्जरी ब्रांड के मालिक बर्नार्ड अर्नाल्ट की संपत्ति 6.95 अरब डॉलर कम हो गई। दुनिया भर के शेयर बाजारों में इस गिरावट से हड़कंप मच गया।
भारी नुकसान के बाद भी एलन मस्क का दुनिया में बना हुआ है दबदबा
इस ऐतिहासिक गिरावट के बाद भी एलन मस्क दुनिया के इकलौते ट्रिलियनेयर (खरबपति) बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, वर्तमान में उनका कुल नेटवर्थ 1.08 ट्रिलियन डॉलर है। रैंकिंग में दूसरे नंबर पर मौजूद लैरी पेज की कुल संपत्ति मस्क की दौलत के एक तिहाई से भी कम है।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट का यह दौर अगले एक-दो दिन और जारी रहा, तो मस्क का स्टेटस ट्रिलियनेयर से घटकर फिर से बिलियनर (अरबपति) की कैटेगरी में आ जाएगा। फिलहाल उनकी व्यक्तिगत संपत्ति दुनिया के कई विकसित देशों की कुल जीडीपी से भी बहुत ज्यादा है।
दुनिया के 170 से अधिक देशों की कुल इकोनॉमी से बड़े हैं मस्क
1 ट्रिलियन डॉलर की रकम कितनी बड़ी होती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के केवल 20 से 25 देशों की जीडीपी ही इस आंकड़े के पार है। मस्क की कुल संपत्ति ताइवान, आयरलैंड, बेल्जियम, स्वीडन और इजरायल जैसे संपन्न देशों की सालाना जीडीपी से भी अधिक है।
अगर भारत की 4.15 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी से तुलना करें, तो मस्क अकेले भारतीय अर्थव्यवस्था के लगभग एक-चौथाई हिस्से के बराबर हैं। वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान की लगभग 400 अरब डॉलर की इकोनॉमी के मुकाबले मस्क इतने अमीर हैं कि वह पूरे पाकिस्तान को दो बार खरीद सकते हैं।

