Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस को लेकर एक बार फिर जबरदस्त सियासी घमासान शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के ताजा शिमला दौरे के बाद से राज्य के सरकारी कर्मचारी बेहद नाराज हैं। कर्मचारी संघ ने सरकार को बड़े आंदोलन की सीधी चेतावनी दे डाली है।
नड्डा के बयान से कर्मचारियों में भड़का भारी गुस्सा
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने दावा किया कि जेपी नड्डा ने हिमाचल में नई पेंशन व्यवस्था की वकालत की है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि यह बयान सीधे तौर पर यूपीएस यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू करने का गुप्त संकेत है। कर्मचारियों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के लाखों कर्मचारियों ने लंबे संघर्ष और रैलियों के बाद ओपीएस अधिकार को वापस पाया है। कर्मचारियों की मेहनत से बहाल हुई इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा। बदलाव की कोई भी कोशिश होने पर पूरे राज्य में चक्का जाम किया जाएगा।
लाखों कर्मचारियों के भविष्य पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल
महासंघ ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार जबरन यूपीएस थोपती है, तो वर्तमान में ओपीएस का लाभ ले रहे 1.36 लाख कर्मचारियों का क्या होगा। राज्य में 10 हजार से अधिक रिटायर्ड कर्मचारी इस समय पुरानी पेंशन का सीधा आर्थिक लाभ उठा रहे हैं। इससे उनका सामाजिक भविष्य सुरक्षित है।
कर्मचारी नेताओं ने विधानसभा चुनाव में ओपीएस की पहली गारंटी देने वाली सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट और कांग्रेस विधायकों का आभार जताया। प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पहली ही कैबिनेट बैठक में इसे लागू कर सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी, जो आज भी कायम है।
पुरानी पेंशन योजना को कानूनी सुरक्षा देने की उठी मांग
महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भरत शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ओपीएस की सुरक्षा के लिए विधानसभा में जल्द मजबूत कानून बनाया जाए। कानूनी सुरक्षा मिलने से भविष्य में कोई भी नई सरकार राजनीतिक द्वेष के कारण कर्मचारियों के इस हक को आसानी से छीन नहीं पाएगी।
कर्मचारी संगठन ने सभी विभागों के कर्मियों से पूरी तरह एकजुट और अलर्ट रहने की बड़ी अपील की है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वे आगामी चुनावों में उन सभी राजनीतिक दलों पर पैनी नजर रखेंगे जो ओपीएस को खत्म कर नया सिस्टम थोपने का समर्थन कर रहे हैं।
Reported By: Sunita Gupta

