New Delhi News: देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है, जबकि कई इलाकों में लोग अब भी मानसून के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया और बड़ा मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 जून से देश के एक बहुत बड़े हिस्से में पूरी तरह से सक्रिय (Active) हो जाएगा। इसके प्रभाव से असम, मेघालय, सिक्किम, बिहार, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटों पर मानसून हुआ बेहद सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में भी आगामी दिनों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मध्य और पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाकों में मानसून पहले ही दस्तक दे चुका है, जिससे वहां कृषि से जुड़ी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
आगामी 30 जून को देश के पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सबसे भारी वर्षा होने की आधिकारिक चेतावनी जारी की गई है। इन विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में मानसूनी हवाएं इस समय विशेष रूप से सक्रिय बनी हुई हैं, जिससे लगातार नमी का स्तर बढ़ता जा रहा है।
असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट
आईएमडी ने असम और मेघालय के कुछ संवेदनशील इलाकों में अत्यधिक भारी से बहुत भारी बारिश होने का एक कड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के पहले पूरे हफ्ते तक संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में व्यापक पैमाने पर मूसलाधार बारिश का यह सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना है।
इसके साथ ही अरब सागर से आने वाली अत्यधिक नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के बहुत तेज होने के कारण कोंकण तट, गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल के विभिन्न हिस्सों में भी मानसूनी बारिश की गतिविधियां बहुत तेज रहने की उम्मीद है, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों में भी होगी वर्षा
इस बड़े मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश का अनुमान है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटों में मौसम तेजी से बदलेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में गुजरात और मध्य प्रदेश के बचे हुए सूखाग्रस्त हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के लिए रणनीतिक हालात बिल्कुल अनुकूल बने हुए हैं। बहुत जल्द इन दोनों राज्यों के शेष हिस्सों को भी मानसून पूरी तरह कवर कर लेगा।
बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका
देश भर में होने वाली इस भारी बारिश के साथ ही पूर्वी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्सों में तेज बिजली कड़कने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और हवाएं चलने के साथ गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है।
जैसे-जैसे यह मजबूत मानसूनी सिस्टम देश के आंतरिक हिस्सों की तरफ आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु समेत कई वीआईपी इलाकों में थोड़ी देर के लिए लेकिन बेहद तीव्र मानसूनी बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज होगी।

