Lahaul Spiti News: हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के झालमा नाले में ग्लेशियर पिघलने से अचानक बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बह गया है। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से वहां ५० से अधिक पर्यटकों की गाड़ियाँ फँस गईं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में बिना किसी बारिश के ही यह जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर तेजी से बर्फ पिघलने के कारण झालमा नाले ने उग्र रूप धारण कर लिया। बाढ़ के चलते करीब एक दर्जन सीमांत गांवों का जिला मुख्यालय केलांग से संपर्क टूट गया है।
जॉबरंग पुल डूबा और बीआरओ ने शुरू किया मरम्मत कार्य
लाहौल-स्पीति की पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि उफनते नाले से सड़क को भारी नुकसान पहुंचा था। इस बाढ़ के कारण दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रसिद्ध जॉबरंग पुल भी पानी में पूरी तरह डूब गया। इसके तुरंत बाद सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ की टीम ने मोर्चा संभाला।
बीआरओ की ७० आरसीसी यूनिट ने तीन आधुनिक मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम शुरू किया। राहत दल ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए देर रात तक प्रभावित मार्ग की मरम्मत पूरी कर ली। इसके बाद फंसे हुए पर्यटकों के वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी २ और ३ जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम कार्यालय के अनुसार, राज्य के मुरारी देवी क्षेत्र में सबसे अधिक ६३.६ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। आगामी ४ जुलाई तक पूरे प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण मौसम खराब रहेगा। इस दौरान कुकुमसेरी सबसे ठंडा और ऊना जिला सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड हुआ।

