लाहौल-स्पीति में ग्लेशियर पिघलने से आई अचानक बाढ़, सड़क बहने से फंसे 50 से अधिक पर्यटक वाहन

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Lahaul Spiti News: हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में सोमवार को अचानक ग्लेशियर पिघलने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण झलमा नाला के पास मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बह गया। इसके चलते वहां 50 से अधिक पर्यटक वाहन फंस गए हैं।

तापमान बढ़ने से अचानक पिघला बड़ा ग्लेशियर

स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह अचानक आई बाढ़ किसी भारी बारिश के कारण नहीं हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने से ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगा। इस वजह से अचानक पानी का बहाव बहुत बढ़ गया। तेज बहाव ने सड़क को भारी नुकसान पहुंचाया और मार्ग अवरुद्ध हो गया।

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फंसे हुए पर्यटकों को निकालने का प्रयास जारी

लाहौल-स्पीति की पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने स्थिति की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में 50 से अधिक पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाके में राहत और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया है। अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अगले कुछ घंटों में सड़क को दोबारा यातायात के योग्य बना दिया जाएगा। जैसे ही रास्ता बहाल होगा, सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। प्रशासन की टीमें मौके पर मुस्तैदी से काम कर रही हैं ताकि लोगों को जल्द राहत मिले।

बीआरओ की टीम युद्धस्तर पर कर रही काम

घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। तकनीकी टीम ने आपातकालीन मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बंद मार्ग को जोड़ने के लिए लगातार मशीनों की मदद ली जा रही है।

इस अचानक आई आपदा से सड़क संपर्क टूट गया, जिससे पर्यटकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। सभी लोग सुरक्षित हैं।

पहाड़ी इलाकों में बढ़ रहा है बड़ा खतरा

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ता तापमान एक बड़ी चिंता का विषय है। गर्मी बढ़ने से ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघलते हैं। इस वजह से पहाड़ी नालों और नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की घटनाएं होती हैं।

ऐसी प्राकृतिक आपदाएं पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। इनसे सड़कें, पुल और अन्य सरकारी संपत्तियां नष्ट हो जाती हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल सभी पर्यटकों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी जरूरी सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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