Yamunanagar News: जिले के साढ़ौरा कस्बे में स्थित ऐतिहासिक गगड़वाला मंदिर के पवित्र सरोवर से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहां प्रशासन की लापरवाही के चलते सरोवर का पानी दूषित होने के कारण अचानक सैकड़ों मछलियों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र में पसरा मातम और बदबू
यह पवित्र सरोवर स्थानीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का मुख्य केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं। श्रद्धालु यहां आकर धार्मिक परंपरा के अनुसार मछलियों को आटा और दाना खिलाते हैं। लेकिन पिछले कई दिनों से सरोवर का पानी लगातार गंदा और जहरीला होता जा रहा था।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने समय रहते पानी के खराब होने की सूचना संबंधित सरकारी विभाग को दे दी थी। लेकिन अधिकारियों ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और कोई उचित कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही का नतीजा यह रहा कि आज सैकड़ों मछलियां मरकर पानी की सतह पर तैरने लगीं।
मंदिर परिसर में फैली भयंकर दुर्गंध से लोग परेशान
सरोवर में भारी संख्या में मछलियों के मरने से पूरे मंदिर परिसर में भयंकर बदबू फैल गई है, जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं का बैठना भी दूषित वातावरण के कारण दूषित हो गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरोवर की तुरंत और नियमित रूप से वैज्ञानिक सफाई कराई जाए।
ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए वहां एक स्थायी वाटर ट्रीटमेंट व्यवस्था करने की भी अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो। घटना की सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मत्स्य विभाग ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य
जांच टीम ने सरोवर के पानी के विभिन्न नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सरोवर में बची हुई मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। तालाब में नया और अतिरिक्त पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके साथ ही पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए विशेष जीवन रक्षक दवाइयों का छिड़काव भी किया जा रहा है ताकि बाकी जलीय जीवों को समय रहते बचाया जा सके। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सरोवर की पवित्रता और सफाई बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

