Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार में खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर को शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सुरेंद्र दिलेर भाजपा के इकलौते ऐसे विधायक हैं जो वाल्मीकि समाज से आते हैं। उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी ने दलित वोटों को और मजबूती से साधने का स्पष्ट संकेत दिया है। आगामी चुनाव प्रचार में भाजपा दिलेर को अपना प्रमुख दलित चेहरा बनाकर पेश कर सकती है।
विरासत में मिली राजनीति, दादा थे भाजपा के स्तंभ
सुरेंद्र दिलेर को राजनीति विरासत में मिली है। उनके दादा किशनलाल दिलेर जिले में भाजपा के मजबूत स्तंभ थे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ मिलकर अलीगढ़ में पार्टी की जड़ों को सींचा था। 1985 के विधानसभा चुनाव में किशनलाल दिलेर ने पहली बार जीत दर्ज की थी और वे पांच बार विधायक व चार बार सांसद रहे। सुरेंद्र के पिता राजवीर दिलेर भी इगलास से विधायक और हाथरस से सांसद निर्वाचित हुए थे। दिलेर परिवार की तीन पीढ़ियां भाजपा के प्रति समर्पित रही हैं।
पश्चिमी यूपी और दलित समाज को साधने का प्रयास
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुरेंद्र दिलेर को मंत्रिमंडल में जगह देकर भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी पैठ और गहरी की है। हाथरस सांसद अनूप प्रधान के लोकसभा जाने के बाद खाली हुए कोटे को दिलेर के जरिए भरा गया है। अलीगढ़ राजनीतिक लिहाज से भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां की सभी सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। दिल्ली-एनसीआर से सटे होने के कारण इस क्षेत्र की जीत पूरे प्रदेश में बड़ा संदेश देती है।
सबसे युवा मंत्री बने सुरेंद्र दिलेर
योगी मंत्रिमंडल के इस ताजा विस्तार में सुरेंद्र दिलेर सबसे युवा मंत्री बनकर उभरे हैं। मात्र 33 वर्ष की आयु में उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इसके विपरीत, इसी विस्तार में शामिल किए गए कैलाश राजपूत सबसे उम्रदराज (70 वर्ष) मंत्री हैं। सुरेंद्र दिलेर की युवाओं और अपने समाज में लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी को उम्मीद है कि वे 2027 के रण में विपक्ष के ‘पीडीए’ फार्मूले की काट साबित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी अपने भाषणों में अक्सर अलीगढ़ और यहां के विकास का जिक्र करते रहे हैं।
अलीगढ़ को मिला दोहरा प्रतिनिधित्व
सुरेंद्र दिलेर के मंत्री बनने से अलीगढ़ जिले को योगी सरकार में अब दोहरा प्रतिनिधित्व मिल गया है। भाजपा संगठन के स्थानीय नेताओं का मानना है कि इस फैसले से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह संचारित होगा। कल्याण सिंह परिवार की तरह दिलेर परिवार का भी क्षेत्र में बड़ा प्रभाव है। तीसरी पीढ़ी के नेता के रूप में सुरेंद्र दिलेर के पास अब खुद को साबित करने और पार्टी के दलित वोट बैंक को एकजुट करने का सुनहरा मौका है। जिले के सभी सांसद, विधायक और मेयर भाजपा के होने से दिलेर को कामकाज में भी काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


