Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती संख्या ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण अधिकांश विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है।
बिजली विभाग शहर के पुराने सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नए उपकेंद्र स्थापित करने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय ने इस बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। विभाग जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहा है।
बिजली संकट दूर करने के लिए तैयार हुआ विशेष बिजनेस प्लान
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत जिले में कई महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी मिली है। इस योजना के अंतर्गत पुराने उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही 33 हजार वोल्ट और 11 हजार वोल्ट की नई ट्रांसमिशन लाइन बिछाकर फीडरों की संख्या में इजाफा किया जाएगा।
विद्युत नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए बिजली निगम ने 100 केवी क्षमता वाले 60 पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलने का फैसला किया है। इन सभी ट्रांसफार्मरों को अब 250 केवी की उच्च क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मरों में अपग्रेड किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या खत्म हो जाएगी।
माधोटांडा और रिछा में नए सब स्टेशन के लिए जमीन चिह्नित
शहर के पवन विहार और सुभाषनगर में दो नए उपकेंद्र पहले ही काम कर रहे हैं। अब माधोटांडा और रिछा क्षेत्र में अत्यधिक ओवरलोड को देखते हुए दो नए पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रशासन ने इन दोनों नए सब स्टेशनों के निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन भी चिह्नित कर ली है।
इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या से हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।
Author: Ajay Mishra


