Uttar Pradesh News: लगातार बढ़ती जा रही महंगाई का एक बड़ा असर अब उत्तर प्रदेश सरकार की लोकप्रिय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पर भी देखने को मिल रहा है। चांदी की आसमान छूती कीमतों के कारण अब विवाह के समय कन्याओं को उपहार में दी जाने वाली चांदी की पायल और बिछुआ नहीं दिए जाएंगे।
गिफ्ट के बदले सीधे बैंक खाते में आएंगे पैसे
शासन ने उपहार के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए चांदी के आभूषणों की जगह सीधे नगद राशि देने का फैसला किया है। अब सरकार चांदी के पायल और बिछुआ की खरीद न करके, उनके बदले में तय की गई चार हजार रुपये की धनराशि सीधे कन्या के बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी।
चांदी महंगी होने से आ रही थी बड़ी दिक्कत
योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। पहले करीब चार हजार रुपये में 40 ग्राम चांदी के पायल-बिछुआ आसानी से मिल जाते थे। वर्तमान में चांदी की कीमत बढ़ने से यही सामान 10 से 12 हजार रुपये में मिल रहा था, जिससे बजट प्रभावित हो रहा था।
इस बड़ी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए शासन ने उपहार सामग्री की सूची से चांदी के इन गहनों को पूरी तरह हटाने का नया आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस नए फैसले के बाद से जिले के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी बड़ी राहत की सांस ली है।
नया शासनादेश और बजट का नया ढांचा
नए शासनादेश के अनुसार, अब शादी करने वाली कन्या के बैंक खाते में कुल 64 हजार रुपये की राशि सीधे भेजी जाएगी, जो कि पहले 60 हजार रुपये हुआ करती थी। वहीं, दूसरी ओर उपहार सामग्री के लिए निर्धारित 25 हजार रुपये के बजट को अब घटाकर 21 हजार रुपये कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, सामूहिक विवाह के भव्य कार्यक्रम के आयोजन पर पहले की तरह ही 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि जिले को इस बार कुल 1455 कन्याओं के सामूहिक विवाह का लक्ष्य मिला है, जिसके लिए सत्यापन प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
Author: Ajay Mishra


