Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डीआईजी संजीव गांधी को एक बड़ा झटका दिया है। शिमला में सरकारी आवास खाली न करने के आरोप में विभाग ने उन पर भारी जुर्माना लगाया है। मुख्यालय ने अधिकारी को एक लाख अस्सी हजार रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज जमा करने का कड़ा नोटिस थमाया है।
डीआईजी संजीव गांधी पर डैमेज चार्ज का गणित क्या है?
यह पूरा विवाद शिमला के पुलिस अधीक्षक के लिए तय सरकारी मकान से जुड़ा है। संजीव गांधी ने इसी साल सात फरवरी को शिमला एसपी का पद छोड़ा था। नियमों के अनुसार वह सात मार्च तक ही इस मकान में रह सकते थे। इसके बाद उनका वहां रहना पूरी तरह अनधिकृत माना गया और डैमेज चार्ज लागू हुआ।
पुलिस विभाग ने दावा किया कि उन्होंने अधिकारी को बारह मई को भी मकान खाली करने का नोटिस भेजा था। इसके बावजूद उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया। विभाग ने अलॉटमेंट नियमों के तहत अट्ठारह रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से जुर्माना लगाया है। इसमें मार्च, अप्रैल और मई महीने का चार्ज शामिल है।
सरकारी नोटिस पर क्या बोले वरिष्ठ अधिकारी संजीव गांधी?
मुख्यालय ने साफ चेतावनी दी है कि संजीव गांधी को यह डैमेज चार्ज तुरंत सरकारी खजाने में जमा करना होगा। यदि वह तय समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो यह राशि उनके मासिक वेतन से काट ली जाएगी। इसके साथ ही पहली जून के बाद से हर महीने यह जुर्माना लगातार बढ़ता ही जाएगा।
दूसरी तरफ इस बड़े एक्शन पर डीआईजी संजीव गांधी ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए ही उन्हें इस नोटिस की जानकारी मिली है। उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है। उचित सरकारी अकोमोडेशन न मिलने के कारण उन्होंने अभी तक यह मकान खाली नहीं किया है।
Reported By: Sunita Gupta



