Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। गुरुवार शाम को नर्मदा की लहरों में समाए क्रूज के लापता पर्यटकों की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार शाम बचाव दल को एक बड़ी सफलता मिली, जब पानी से दो और शव बरामद किए गए। ये शव उन मासूमों के हैं, जिनकी सलामती के लिए पूरा शहर दुआएं मांग रहा था। इस बरामदगी के साथ ही अब तक इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
48 घंटे बाद मिले दो मासूमों के शव
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को शनिवार शाम सर्च ऑपरेशन के दौरान पानी की सतह पर एक बच्चे का शव दिखाई दिया। शव की पहचान 6 वर्षीय विराज सोनी के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता के साथ सैर पर निकला था। सीएसपी बरगी अंजुल अयंक मिश्रा के मुताबिक, विराज के साथ ही 5 वर्षीय तमिल का शव भी बरामद कर लिया गया है। दोनों बच्चों के शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं।
खराब मौसम ने रेस्क्यू ऑपरेशन में डाली बाधा
बरगी बांध में चल रहा यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। तेज आंधी और बीच-बीच में आ रहे तूफानों के कारण बचाव कार्य को कई बार रोकना पड़ा। नर्मदा की ऊंची लहरों और बांध के गहरे पानी के बीच लापता लोगों को ढूंढना एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आर्मी की टीमों के लिए अग्निपरीक्षा बन गया है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद टीमें दिन-रात बाकी दो लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
अब ‘अंडरवॉटर सेंसर’ से होगी लापता लोगों की खोज
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब और भी कड़े कदम उठा रहा है। स्थानीय विधायक नीरज सिंह लोधी ने बताया कि रविवार से पारंपरिक सर्चिंग के साथ एक विशेष टीम मैदान में उतरेगी। यह टीम अत्याधुनिक ‘अंडरवॉटर सेंसर’ और आधुनिक उपकरणों से लैस होगी। यह तकनीक पानी के अंदर करीब 40 मीटर की गहराई तक जाकर किसी भी वस्तु या मानव शरीर की सटीक पहचान कर सकती है। रात में भी सर्च ऑपरेशन जारी रखने के लिए भारी क्षमता वाले जनरेटर लगाए गए हैं।
35 पर्यटकों से भरा क्रूज कैसे हुआ हादसे का शिकार?
गौरतलब है कि गुरुवार शाम बरगी बांध में सैर-सपाटे के दौरान अचानक आई तेज लहरों और हवा के दबाव से क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया था। इस क्रूज पर 35 से ज्यादा पर्यटक सवार थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों और प्रशासन की तत्परता से 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। पहले दिन 4 और दूसरे दिन 5 शव बरामद हुए थे। आज दो और शव मिलने के बाद प्रशासन अब शेष दो लापता लोगों को खोजने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
पूरे जबलपुर शहर में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे जबलपुर को झकझोर कर रख दिया है। विशेषकर मासूम बच्चों की मौत की खबर ने लोगों को भावुक कर दिया है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बांध क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी अब नए सिरे से नियम बनाने की मांग उठ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें अगले रेस्क्यू चरण पर टिकी हैं, जहां आधुनिक तकनीकों के जरिए अंतिम दो शवों को ढूंढने का प्रयास किया जाएगा।


