Punjab News: जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के सीआईए स्टाफ ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पंजाब को दहलाने की साजिश रच रहे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चार एक्टिव शूटरों को हथियारों के जखीरे के साथ दबोच लिया है।
पकड़े गए इन खतरनाक शूटरों के कब्जे से पुलिस टीम ने आठ अवैध पिस्तौल, 45 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस की इस मुस्तैदी से राज्य के कई बड़े शहरों में होने वाली टारगेट किलिंग और रंगदारी की बड़ी वारदातें समय रहते टल गई हैं।
पंजाब के कई जिलों में मर्डर और रंगदारी की थी तैयारी
जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर (IPS) ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी पंजाब के अलग-अलग जिलों में हत्या, सरेआम फायरिंग और बड़े व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की फिराक में थे। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों और सीआईए इंचार्ज सुरिंदर कुमार की देखरेख में हुई।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, सीआईए स्टाफ को एक गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ हथियारबंद बदमाश किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के लिए स्विफ्ट कार से घूम रहे हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कैंट रोड स्थित श्मशान घाट और जमशेर डेयरी मार्ग पर नाकाबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध दिख रही सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार को रोककर जब उसकी सघन तलाशी ली, तो कार के अंदर से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस ने कार सवार चारों युवकों को तुरंत हिरासत में ले लिया और हथियारों को जब्त कर लिया।
धीरपुर और रामामंडी के रहने वाले हैं पकड़े गए शूटर
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान सुखवंत सिंह उर्फ सुख्खा शेखों (निवासी धीरपुर, करतारपुर), जुगराज सिंह (निवासी धीरपुर, करतारपुर), गुरप्रीत सिंह (निवासी मल्लियां लोहियां) और नीरज (निवासी बाजीगर मोहल्ला, रामामंडी) के रूप में हुई है। ये सभी लंबे समय से गोल्डी बराड़ के सीधे संपर्क में थे।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी सुखवंत सिंह उर्फ सुख्खा शेखों पर पहले से ही हत्या के प्रयास और लूट जैसे 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जुगराज सिंह और गुरप्रीत सिंह पर भी चार-चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि चौथे आरोपी नीरज का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिला है।
विदेशी कनेक्शन खंगालने में जुटी पुलिस
शुरुआती पूछताछ में मुख्य शूटर सुखवंत सिंह ने कबूला है कि वे सभी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के इशारे पर ही पंजाब में वारदातों को अंजाम देते थे। उनका मुख्य काम बड़े कारोबारियों को धमकाना, जबरन फिरौती मांगना और निर्देश मिलने पर टारगेट किलिंग करना था।
पुलिस को अंदेशा है कि इन आरोपियों के तार विदेशों में छिपे अन्य देशविरोधी गैंगस्टरों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है।
Author: Gurpreet Singh

