हिमाचल प्रदेश निकाय चुनाव में जनता ने रचा नया इतिहास, भारी वोटिंग से हिलीं सियासी जमीनें, जानें महामुकाबले का पूरा हाल

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों के महामुकाबले में इस बार जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक रविवार को हुए मतदान में मतदाताओं ने नया इतिहास रच दिया है। चार नगर निगमों समेत विभिन्न निकायों में रिकॉर्ड 69.16 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है।

इस बार मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे शुरू होकर दोपहर बाद तीन बजे तक पूरी तरह संपन्न हुई। प्रशासन ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को ईवीएम मशीनों के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से करवाया। प्रदेशभर के कुल 3,62,025 मतदाताओं में से 2,50,391 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

हमीरपुर जिले के वोटरों ने मैदान मारकर दिखाया सबसे ज्यादा दम

जिलावार वोटिंग के रोमांचक आंकड़ों की बात करें तो हमीरपुर जिला सबसे आगे रहा है। हमीरपुर के जागरूक वोटरों ने सबसे ज्यादा करीब 78.89 प्रतिशत मतदान किया है। वहीं दूसरी तरफ सोलन जिले के मतदाता इस दौड़ में सबसे पीछे रहे, जहां केवल 64.20 प्रतिशत वोट पड़े।

अगर छोटे स्तर पर देखें तो श्रीनयनादेवी जी शहरी निकाय क्षेत्र ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस विशेष क्षेत्र में सबसे अधिक रिकॉर्ड तोड़ लगभग 86 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस बार चुनाव के लिए कुल 1426 नामांकन पत्र मिले थे।

जांच के दौरान चुनाव अधिकारियों ने 32 नामांकन पत्र कानूनी खामियों के कारण खारिज कर दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने 1394 नामांकन पूरी तरह सही पाए। नाम वापस लेने के आखिरी दिन 237 प्रत्याशियों ने अचानक अपने कदम पीछे खींच लिए। इसके बाद कुल 1147 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे रहे।

इस बड़े चुनाव में नगर परिषदों और नगर पंचायतों के भीतर बंपर वोटिंग देखने को मिली। इन छोटे निकायों में कुल मतदान प्रतिशत 72.42 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ बड़े शहरों के नगर निगमों में जनता की भागीदारी सिर्फ 63.44 प्रतिशत दर्ज की गई।

चारों बड़े नगर निगमों के नतीजे अब 31 मई को होंगे घोषित

राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि 47 नगर परिषदों और नगर पंचायतों की मतगणना रविवार देर रात तक पूरी हो गई है। नतीजों का दौर शुरू होते ही कई उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो गया। हालांकि चार बड़े नगर निगमों के नतीजे आगामी 31 मई को घोषित किए जाएंगे।

आयोग के अनुसार पूरे प्रदेश में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं आई है। शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाने के लिए आयोग ने जिला प्रशासन, पुलिस और पोलिंग स्टाफ का आभार जताया। इसके साथ ही लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी जागरूक मतदाताओं को धन्यवाद दिया।

अगर जिलावार अंतिम आंकड़ों पर नजर डालें तो सिरमौर जिला 77.36 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद ऊना में 77.00 प्रतिशत, चंबा में 72.06 प्रतिशत और मंडी में 71.23 प्रतिशत मतदान हुआ। बिलासपुर में 68.22 प्रतिशत और कुल्लू में 67.80 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले।

इसके साथ ही काँगड़ा जिले में 67.34 प्रतिशत और राजधानी शिमला में 67.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस भारी वोटिंग ने कई बड़े नेताओं के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। अब सबकी नजरें 31 मई को आने वाले नगर निगमों के अंतिम परिणामों पर टिकी हैं।

Author: Sunita Gupta

Hot this week

Related News

Popular Categories