Business News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संकट के बीच वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है। मूडीज ने साल 2026 के लिए भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ के अनुमान को 0.8 फीसदी घटाकर अब सिर्फ 6 फीसदी कर दिया है।
मूडीज रेटिंग्स की इस ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत और तेल आयात करने वाले अन्य देश ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए अब द्विपक्षीय बातचीत का सहारा ले सकते हैं। यह बातचीत किसी विशेष ट्रांजिट कॉरिडोर के जरिए संभव है, लेकिन साल 2026 में युद्ध से पहले वाले ट्रैफिक स्तर पर लौटना बहुत मुश्किल है।
भू-राजनीतिक जोखिमों पर जारी इस वैश्विक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल किसी स्थायी समझौते की उम्मीद बहुत कम है। इस वजह से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के भी पूरी तरह दोबारा खुलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े तेल आयातक देश ईरान के साथ ट्रांजिट के लिए अलग से बातचीत करेंगे। यह संभावित रास्ता ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र या लारक द्वीप के पास एक समन्वित ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में तैयार हो सकता है।
पूरे साल रिकॉर्ड स्तर पर बनी रहेंगी कच्चे तेल की कीमतें
मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि इस साल ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 90 डॉलर से 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे दायरे में बनी रहेगी। वैश्विक बाजार में होने वाली नई घटनाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
यदि कच्चे तेल के दाम इसी दायरे में बने रहते हैं, तो दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ में 0.2 से 0.8 फीसदी तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। इस स्थिति का सबसे सीधा और घातक असर लागत, बाजार की मांग और कर्ज लेने वाले उधारकर्ताओं पर पड़ेगा।
इस संकट से भारत की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक
वैश्विक रेटिंग एजेंसी के अनुसार, भारत उन देशों की सूची में सबसे आगे है जो इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत अपने कुल कच्चे तेल का लगभग 46 फीसदी हिस्सा अकेले मिडिल ईस्ट के देशों से आयात करता है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जिससे देश के चालू खाता घाटे (CAD) और राजकोषीय प्रबंधन पर भारी दबाव बढ़ गया है। मूडीज का अनुमान है कि साल 2026 में भारत में औसत महंगाई दर बढ़कर 4.5 फीसदी पर पहुंच सकती है।
तीसरे महीने में पहुंचा युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह ठप
मिडिल ईस्ट का यह विनाशकारी संघर्ष अब अपने तीसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों से हुई थी। इसके बाद से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला समुद्री यातायात पहले के मुकाबले 90 फीसदी से ज्यादा कम हो चुका है।
शांति के समय दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी समुद्री रास्ते से गुजरता था। मूडीज ने कड़ी चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ती ऊर्जा कीमतें बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मॉनेटरी पॉलिसी का रास्ता और ज्यादा मुश्किल बना देंगी।
Author: Rajesh Kumar

