New Delhi News: भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में टाटा समूह ने एक ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नीदरलैंड की दिग्गज सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एएसएमएल ने भारत में चिप निर्माण के लिए एक बड़े रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान घोषित की गई यह साझेदारी भारतीय तकनीकी इतिहास के लिए गेमचेंजर साबित होने वाली है।
धोलेरा में लगेगा प्लांट और एएसएमएल का सहयोग
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत नीदरलैंड की एएसएमएल कंपनी गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के आगामी 300 मिलीमीटर (12 इंच) सेमीकंडक्टर ‘फैब’ प्लांट की स्थापना में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। एएसएमएल दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो अत्याधुनिक छोटे सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली लिथोग्राफी मशीनों का निर्माण करती हैं। यह साझेदारी भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ते मजबूत और रणनीतिक संबंधों का एक बड़ा प्रमाण है।
91,000 करोड़ का बड़ा निवेश और लोकल टैलेंट
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए करीब 91,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश कर रही है। धोलेरा फैब में एएसएमएल की एडवांस्ड लिथोग्राफी मशीनों और तकनीकों का सीधा इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे देश के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर प्लांट का ऑपरेशन सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा। यह समझौता सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को ट्रेनिंग, कौशल विकास और रिसर्च फ्रेमवर्क को भी मजबूती दी जाएगी।
भारत का तेजी से बढ़ता सेमीकंडक्टर सेक्टर और विजन
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और एमडी रणधीर ठाकुर ने बताया कि एएसएमएल की विशेषज्ञता से धोलेरा प्लांट का काम समय पर पूरा होगा। इससे वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी। वहीं, एएसएमएल के चेयरमैन और सीईओ क्रिस्टोफ फुके ने भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर क्षेत्र की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को सफलतापूर्वक साकार करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।

