Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी में स्थित बंद पड़ी केंदाडीह माइंस लगभग 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दोबारा शुरू हो गई है। केंद्रीय खान एवं कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सोमवार को इस खदान का विधिवत उद्घाटन कर क्षेत्र को एक बड़ी सौगात दी है।
तांबा उत्पादन बढ़ने से आयात पर भारत की निर्भरता होगी कम
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सीएमडी संजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंदाडीह कॉपर माइंस का पुनः संचालन आत्मनिर्भर भारत प्रोजेक्ट की दिशा में केंद्र सरकार का एक बहुत बड़ा कदम है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास और रणनीतिक जरूरतों के लिए तांबा देश की बेहद महत्वपूर्ण धातु है। इस खदान के दोबारा शुरू होने से देश में घरेलू तांबा उत्पादन को भारी बढ़ावा मिलेगा। इससे विदेशों से होने वाले महंगे आयात पर भारत की आर्थिक निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
मुसाबनी में कंसेंट्रेटर प्लांट के विस्तार से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार की नई योजना के तहत मुसाबनी क्षेत्र में स्थापित कंसेंट्रेटर प्लांट का तेजी से विस्तार किया जाएगा। इसकी कुल क्षमता को बढ़ाकर 0.9 मिलियन टन प्रति वर्ष किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को सीधे नए रोजगार मिलेंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि स्थानीय जनता लंबे समय से इस खदान को दोबारा चालू करने की मांग कर रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से यह सपना पूरा हुआ है। करीब ढाई दशक बाद माइंस खुलने से पूरे मुसाबनी क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
Author: Rohit Mahato


