Jharkhand Weather: झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। बुधवार शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने 11 और 12 जून के लिए एक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार, राज्य के देवघर, दुमका और गोड्डा सहित कई उत्तर-पूर्वी जिलों में भारी बदलाव देखने को मिलेगा। इसके अलावा, रांची, हजारीबाग और धनबाद जैसे मध्य भागों में भी मौसम काफी खराब रहने की पूरी आशंका जताई गई है।
विभाग के अनुसार, इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके साथ ही मेघगर्जन और खतरनाक आकाशीय बिजली गिरने का भी गहरा अंदेशा है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस दौरान बेहद सतर्क रहें। राज्य भर में मौसम की यह अस्थिर स्थिति 15 जून तक बनी रहेगी।
तापमान में गिरावट और बारिश का असर
पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। सबसे ज्यादा 37.2 मिलीमीटर वर्षा दुमका जिले में दर्ज की गई है। इसके उलट, डाल्टनगंज का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, लातेहार में सबसे कम 22.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने जानकारी दी है कि अगले चौबीस घंटों में तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, इसके बाद 12 से 15 जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी जरूर आएगी।
रांची में अगले चार दिनों का तापमान
रांची में 11 जून को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 26 डिग्री रहने के आसार हैं। इसके बाद 12 जून को यह 37 और 24 डिग्री हो जाएगा। वहीं, 13 जून को तापमान और गिरकर 34 और 23 डिग्री तक पहुंचेगा। 14 जून को भी अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा।
आंधी और वज्रपात से बचने के जरूरी उपाय
तेज आंधी और तूफान से बागवानी और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से इंसानों और जानवरों की जान को खतरा रहता है। ऐसे खराब मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए मौसम विभाग ने कुछ खास और जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
- खराब मौसम के दौरान हमेशा घर के अंदर ही रहें और यात्रा करने से बचें।
- अपने घरों की सभी खिड़कियां और दरवाजे पूरी तरह से बंद करके रखें।
- सुरक्षित छत के नीचे रहें और कभी भी पेड़ों के नीचे आसरा न लें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों से दूरी बनाए रखें।
- घर के सभी बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग तुरंत निकाल दें।
बिजली चमकने के दौरान जलस्रोतों जैसे तालाब या नदी से तुरंत बाहर आ जाना चाहिए। इसके अलावा बिजली का सुचालक बनने वाली लोहे या धातु की सभी वस्तुओं से दूर रहना बहुत जरूरी है। इन सरल नियमों का पालन करके आप और आपका परिवार किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा और अनहोनी से आसानी से बच सकते हैं।
Author: Rohit Mahato


