शिमला में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई के बाद रेहड़ी संचालक की दर्दनाक मौत, भड़के श्रमिक संगठनों ने खोला मोर्चा

Himachal Pradesh News: सूबे की राजधानी शिमला में रेहड़ी लगाने वाले एक गरीब दुकानदार चंदन की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर श्रमिक संगठन सीटू और स्थानीय रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अस्पताल के आईसीयू में चार दिन चली जिंदगी की जंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती इकतीस मई को नगर निगम की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान चंदन गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां वह चार दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत से लगातार जूझता रहा।

बीते बुधवार को इलाज के दौरान चंदन ने दम तोड़ दिया। इस दुखद मौत की खबर फैलते ही पूरी राजधानी के रेहड़ी-फड़ी कारोबारियों और विभिन्न श्रमिक संगठनों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इसके विरोध में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।

गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की उठी मांग

सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान चंदन अपना सामान बचाने का प्रयास कर रहा था। उसी हड़बड़ाहट में वह अचानक गिर गया और उसे सिर पर गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी।

विजेंद्र मेहरा ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले में दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हो। घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित गरीब परिवार को सही न्याय मिल सके।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक गरीब व्यक्ति की मौत का सामान्य मामला नहीं है। यह उन हजारों मेहनतकश लोगों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। ये सभी लोग सड़कों पर रेहड़ी लगाकर अपने मासूम परिवार का पेट बहुत ही मुश्किल से पालते हैं।

पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की चेतावनी

श्रमिक संगठन सीटू ने मृतक चंदन के दुखी परिवार के लिए पच्चीस लाख रुपये के मुआवजे की बड़ी मांग रखी है। इसके अलावा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उठाने की वकालत की है।

विजेंद्र मेहरा ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर सरकार ने तुरंत उचित कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा आंदोलन होगा। आने वाले दिनों में नगर निगम कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर दफ्तर का घेराव किया जाएगा। श्रमिक संगठन पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापक स्तर पर बड़े विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।

Author: Sunita Gupta

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