Shimla News: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को शिमला के होटल पीटरहॉफ पहुंची। आयोग ने पहले दिन हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इसमें जनजातीय वर्ग के कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
रोस्टर प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के निर्देश
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान आयोग के सदस्य निरुपम चकमा और डॉ. आशा लकड़ा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में पर्यटन निगम के भीतर आरक्षण नीति को सही तरीके से लागू करने की विस्तृत समीक्षा की गई।
अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने अधिकारियों को रोस्टर प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन करने के कड़े निर्देश दिए। ऑनलाइन सिस्टम होने से दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों के कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलेगी। इसके साथ ही उन्हें सभी जरूरी सर्विस बेनिफिट्स भी बिना रुकावट के मिल सकेंगे।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर भी लागू होगा नया रोस्टर नियम
कमीशन के अध्यक्ष ने बाहरी स्रोतों यानी आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी रोस्टर नियम लागू करने की बात कही। इस ऐतिहासिक कदम से हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को सरकारी रोजगार के पहले से कहीं अधिक अवसर मिलेंगे।
बैठक में पर्यटन निगम के संपर्क अधिकारी को तुरंत ट्रेनिंग देने का फैसला किया गया। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए भी रेगुलर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलेंगे। इससे निगम में काम करने वाले कर्मचारियों की कार्यक्षमता में काफी सुधार देखने को मिलेगा।
लंबित खाली पदों को भरने के लिए चलेगा विशेष भर्ती अभियान
आयोग ने पर्यटन निगम को निर्देश दिया कि वे जनजातीय वर्ग के कर्मचारियों के साथ समय-समय पर बैठकें करें। इसके साथ ही विभाग में खाली पड़े बैकलॉग के पदों को भरने के लिए जल्द ही एक विशेष भर्ती अभियान शुरू करने पर भी सहमति बनी है।
बैठक में प्रस्तुत किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम वर्तमान में राज्यभर में 56 होटल संचालित कर रहा है। इसके अलावा 12 कैफे, 53 रेस्टोरेंट और 9 मार्केटिंग ऑफिस भी चल रहे हैं, जिनमें कुल 1598 नियमित कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कर्मचारी संघ से मिले सदस्य और परिसर में किया पौधारोपण
राष्ट्रीय आयोग ने हिमाचल पर्यटन निगम के अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ एक अलग से मुलाकात की। इस मीटिंग में कर्मचारियों ने प्रमोशन में आ रही दिक्कतों और कार्यस्थल की समस्याओं को रखा। आयोग ने सभी मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया।
दौरे के अंत में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीटरहॉफ परिसर में पौधारोपण किया गया। अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने चिनार का पौधा लगाया। वहीं निरुपम चकमा ने रुद्राक्ष, डॉ. आशा लकड़ा ने मैगनोलिया और संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने सिल्वर पाइन का पौधा लगाया।
Reported By: Sunita Gupta


