Himachal Pradesh News: सूबे के ऊना जिले में सरकारी राशन डिपुओं से तेल गायब होने से हाहाकार मचा है। पिछले दो महीनों से सरसों तेल और रिफाइंड की सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है। इस कारण हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
टेंडर प्रक्रिया रद्द होने से ठप हुई तेल की सप्लाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार राशन डिपुओं के लिए सरसों तेल की खरीद प्रक्रिया अचानक अटक गई है। टेंडर के दौरान कुछ कंपनियों के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए थे। इसके बाद विभाग ने टेंडर रद्द कर दिए, जिससे सिविल सप्लाई विभाग को तेल की नई खेप नहीं मिल पाई।
सप्लाई रुकने से जिला स्तर पर तेल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। डिपुओं में सरसों तेल बीपीएल-एपीएल परिवारों को 153 रुपये और टैक्स धारकों को 161 रुपये लीटर मिलता था। अब लोगों को मजबूरी में बाजार से 170 से 180 रुपये प्रति लीटर तेल खरीदना पड़ रहा है।
चीनी के कोटे में भी कटौती, परेशान उपभोक्ताओं ने दी चेतावनी
स्थानीय डिपो संचालक उपभोक्ताओं को बाजार भाव पर ही सामान देने को मजबूर हैं। आम जनता के साथ-साथ सोहन लाल, अजय कुमार, संजीव और विमला देवी जैसे उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द तेल नहीं मिला तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
तेल के अलावा पिछले तीन महीनों से चीनी की सप्लाई भी प्रभावित चल रही थी। पूरा कोटा न मिलने से डिपुओं में चीनी का संकट गहरा गया था। हालांकि खाद्य आपूर्ति विभाग की निरीक्षक रजनी कालिया ने बताया कि मई का चीनी कोटा पहुंच गया है, जिससे राहत मिलेगी।
Author: Sunita Gupta


