हिमाचल प्रदेश में नशा माफिया पर कानून का सबसे बड़ा हंटर, 11 बड़े तस्करों को जेल में ठूंसा, संपत्ति होगी कुर्क

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत बुधवार को पुलिस ने राज्यव्यापी कार्रवाई करते हुए 11 आदतन नशा तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सीधे जेल भेज दिया है।

प्रदेश पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस विशेष कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी के पूरे ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इस बड़े एक्शन के बाद पूरे राज्य के नशा माफियाओं और उनके सरगनाओं में भारी हड़कंप मच गया है।

मुख्यमंत्री के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन का दिखा बड़ा असर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह बड़ा ऑपरेशन मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन का एक प्रमुख हिस्सा है। इसी रणनीति के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में एक साथ सुनियोजित तरीके से छापेमारी की थी।

इस मेगा ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए बड़े तस्करों में बद्दी से एक, नूरपुर से तीन, कुल्लू से एक, शिमला से दो, सोलन से एक, कांगड़ा से एक, हमीरपुर से एक और बिलासपुर से एक शातिर अपराधी शामिल है। इन सभी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक केस दर्ज हैं।

राज्य में निरुद्ध किए गए नशा तस्करों का आंकड़ा 187 पहुंचा

हिमाचल पुलिस का कहना है कि इस ताजा कार्रवाई के बाद प्रदेश में पीआईटी एनडीपीएस कानून के तहत बंद किए गए अपराधियों की कुल संख्या अब 187 हो गई है। यह बड़ा आंकड़ा राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार विभाग ने अब अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब पुलिस की कार्रवाई केवल सामान्य गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रहेगी। इसके बजाय नशीले पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन और बैकवर्ड लिंकेज को पूरी तरह तबाह किया जा रहा है।

काले धन से अर्जित अवैध संपत्तियों को फ्रीज करेगी पुलिस

पुलिस का दावा है कि ड्रग्स के इस अवैध धंधे से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की पहचान का काम तेज कर दिया गया है। इसके लिए अपराधियों की गहन फाइनेंशियल जांच की जा रही है। माफियाओं की प्रॉपर्टी को फ्रीज करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

संगठित गिरोहों को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए निवारक कानूनों का मैक्सिमम इस्तेमाल हो रहा है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए यह आक्रामक अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

सीक्रेट रहेगी पहचान, पुलिस ने जनता से मांगी खुफिया जानकारी

पुलिस प्रशासन ने आम जनता और युवाओं से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। यदि किसी को भी चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री या इसके स्टोरेज की कोई सूचना मिले, तो तुरंत डायल-112 पर कॉल करें।

पुलिस ने राज्यवासियों को पूरा भरोसा दिया है कि सूचना देने वाले हर व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सीक्रेट और गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस हर एक इनपुट पर तुरंत क्विक एक्शन लेगी, ताकि देवभूमि को इस सामाजिक अभिशाप से हमेशा के लिए मुक्त कराया जा सके।

Reported By: Sunita Gupta

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