Himachal Pradesh News: अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के दूसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के सभागार में पहाड़ी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इस खास सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर स्थानीय साहित्यकारों का हौसला बढ़ाया।
प्रस्तुत कविताओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित करेगा प्रशासन
इस बड़े सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों और कवियों ने भाग लिया। सभी कलाकारों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से हिमाचल की लोक संस्कृति, पुरानी परंपराओं, सामाजिक सरोकारों और सुंदर प्रकृति को बेहद प्रभावशाली ढंग से श्रोताओं के सामने प्रस्तुत किया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संभालना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन ने भाषा को संरक्षित करने के उद्देश्य से यह अनूठी पहल की है। पहाड़ी भाषा हमारी पहचान का एक मुख्य हिस्सा है।
प्रशासन इस भव्य सम्मेलन में पढ़ी गईं सभी पहाड़ी कविताओं का एक बेहतरीन संकलन तैयार करेगा। इसके बाद इस विशेष सामग्री को भविष्य में एक शानदार पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। इस किताब को प्रदेश के सभी सरकारी पुस्तकालयों में भेजा जाएगा।
इस बड़ी पहल से युवा पीढ़ी और अधिक संख्या में लोग पहाड़ी साहित्य से सीधे जुड़ सकेंगे। वे हिमाचल की समृद्ध परंपरा से पूरी तरह परिचित हो पाएंगे। साहित्य हमेशा समाज का वास्तविक दर्पण होता है और लेखक जनता को नई सकारात्मक दिशा दिखाते हैं।
ग्रामीण जीवन और पर्यावरण संरक्षण पर कवियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रचार और सामाजिक चेतना के विकास में साहित्यकारों की भूमिका हमेशा अग्रणी रहती है। कार्यक्रम के दौरान अनेक रचनाकारों ने पहाड़ी बोली में सुंदर कविता पाठ कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन रचनाओं में ग्रामीण जीवन और पर्यावरण मुख्य विषय रहे।
यह महत्वपूर्ण आयोजन अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026 की श्रृंखला के अंतर्गत पूरी तरह सफल रहा है। यह मंच न केवल पहाड़ी भाषा को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बना, बल्कि इसने राज्य के होनहार युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया।
Reported By: Sunita Gupta


