Himachal News: हिमाचल प्रदेश में जमीन के नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। अब राज्य में धार्मिक और चैरिटी कार्यों के लिए 30 एकड़ तक जमीन आसानी से ट्रांसफर की जा सकेगी। सरकार ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन होने पर जमीन वापस ले ली जाएगी। राष्ट्रपति ने हाल ही में लैंड सीलिंग एक्ट में किए गए अहम संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इस नए कानून की सरकारी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
राष्ट्रपति ने दी नए संशोधन विधेयक को मंजूरी
राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दिसंबर महीने में इस खास भू-जोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024 को पास किया गया था। यह नया कानून साल 1972 के पुराने लैंड सीलिंग एक्ट में एक जरूरी संशोधन के रूप में लाया गया है। मंगलवार को विधि विभाग ने राजपत्र में इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अब धार्मिक संस्थाएं विशेष शर्तों के साथ भूमि और ढांचों का कानूनी हस्तांतरण कर सकेंगी। इससे चैरिटेबल संस्थाओं को काम करने में काफी आसानी होगी।
राधास्वामी सत्संग ब्यास के अस्पताल को मिलेगी राहत
सरकार ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि राधास्वामी सत्संग ब्यास देश भर में धार्मिक और आध्यात्मिक काम करता है। इस संस्था ने हमीरपुर जिले के भोटा में लोगों की भलाई के लिए एक बड़ा धर्मार्थ अस्पताल बनाया है। यह अस्पताल मरीजों को लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। इस धार्मिक संगठन के पास तय सीमा से बहुत ज्यादा जमीन उपलब्ध है। नए कानून से अब इस संस्था को अपनी जमीन सहयोगी संस्था को सौंपने की कानूनी अनुमति मिल जाएगी।
अधिनियम की धारा पांच में हुआ अहम बदलाव
पहले अधिनियम की धारा पांच का खंड झ इस तरह के जमीन हस्तांतरण पर पूरी तरह रोक लगाता था। राधास्वामी सत्संग ने अस्पताल के बेहतर प्रबंधन के लिए जमीन जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी को देने की मांग की थी। इसे एक सहयोगी संगठन माना गया है। पुरानी कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए ही सरकार ने अधिनियम में नया संशोधन किया है। अब सरकार कुछ सख्त शर्तों के साथ जमीन ट्रांसफर करने की आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर सकेगी।


