Mumbai News: देश भर में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच बकरा मंडियों से बेहद हैरान करने वाली खबरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये कीमत वाले बकरों के वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं, जिसने इंटरनेट यूजर्स के बीच भारी उत्सुकता जगा दी है।
इंटरनेट पर कहीं 51 लाख रुपये का बकरा सुर्खियां बटोर रहा है, तो कहीं एक व्यापारी अपने बकरे की कीमत सीधे 4 करोड़ रुपये बता रहा है। इन वीआईपी बकरों के मालिक सोशल मीडिया पर उनके वजन, खास ऊंचाई और शरीर पर बने अनोखे प्राकृतिक निशानों का जमकर दावा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया रील्स ने बकरों को बनाया लक्जरी ब्रांड
बकरीद के इस सीजन में बकरों की चर्चा अब सिर्फ पारंपरिक मंडियों तक सीमित नहीं रही। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर कई वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं। इन वीडियो में कुछ चुनिंदा बकरों को किसी बड़े लक्जरी ब्रांड की तरह पेश किया जा रहा है, जिससे लोग काफी आकर्षित हो रहे हैं।
वडोदरा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ‘चांद’ नाम के बकरे को ऑटो रिक्शा में वीआईपी सैर कराई जा रही है। बकरे के मालिक का दावा है कि इसके शरीर पर दुर्लभ प्राकृतिक पैटर्न बने हैं। इसी वजह से मालिक ने इस बकरे की कीमत 31 लाख रुपये तय की है।
मशहूर देवनार मंडी में इस साल बकरों की भारी किल्लत
ऑल इंडिया जमीअतुल कुरैश के राष्ट्रीय सचिव गुलरेज शरीफ कुरैशी ने इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि मुंबई की मशहूर देवनार मंडी में इस साल पशुओं की आवक काफी कम हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार मंडी में करीब साठ हजार बकरे कम पहुंचे हैं।
पशुओं की कम आवक होने से कीमतों में भारी उछाल आया है। दूसरी तरफ कोलकाता में हाईकोर्ट के फैसले के बाद तनाव बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। ईद से ठीक पहले प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
भीषण हीटवेव के कारण रास्ते में ही दम तोड़ रहे जानवर
इस बार बकरों की कीमतें आसमान छूने के पीछे देश में पड़ रही भीषण गर्मी सबसे बड़ा कारण है। गुजरात और राजस्थान से आने वाले कई जानवर रास्ते में ही बीमार हो रहे हैं। सप्लाई चेन टूटने से मंडियों में सामान्य बकरे के दाम भी दोगुने हो गए हैं।
बाजार में जो बकरा पहले 15 हजार रुपये में आसानी से मिल जाता था, उसकी कीमत अब 30 हजार रुपये पार कर गई है। इस बीच बाजारों में पंजाब की बीटल नस्ल, राजस्थान की सिरोही और गुजरात की अजमेरी नस्ल के बकरों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है।
जानकारों का मानना है कि वायरल मार्केटिंग की वजह से कीमतों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया के इस नए दौर में पारंपरिक धार्मिक त्योहार पर अब लक्जरी और स्टेटस सिंबल का रंग भी साफ चढ़ने लगा है, जिससे आम खरीदार काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
Author: Manisha Thakur

