शिमला में वकीलों का ऐतिहासिक चक्काजाम, मंत्री विक्रमादित्य सिंह, डीआईजी और एसडीएम की गाड़ियों के कटवाए चालान

Himachal Pradesh News: सूबे की राजधानी शिमला में सील्ड रोड परमिट की बढ़ी फीस के खिलाफ वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आंदोलित अधिवक्ताओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह, एक डीआईजी और एसडीएम ओशीन शर्मा की वीआईपी गाड़ियों के धड़ाधड़ चालान कटवा दिए।

शिल्ली चौक पर प्रतिभा सिंह की मौजूदगी में कटा चालान

यह हाई-वोल्टेज ड्रामा शिमला के शिल्ली चौक के पास हुआ। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सरकारी गाड़ी सील्ड रोड से बिना परमिट गुजर रही थी। उस समय कार में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी माता प्रतिभा सिंह सवार थीं। वकीलों के भारी दबाव में पुलिस को मजबूरन 1500 रुपये का चालान काटना पड़ा।

अधिवक्ताओं ने इसके बाद भी अपना कड़ा रुख बरकरार रखा। उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने पर वहीं से गुजर रही एसडीएम ओशीन शर्मा और डीआईजी रैंक के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की गाड़ियों को भी रोक लिया। वकीलों ने कानून का हवाला देकर मौके पर ही इन वीआईपी वाहनों के भी चालान कटवाए।

पत्रकारों पर भड़कीं एसडीएम, तीखी बहस के बाद चक्काजाम

इस बीच वकीलों को समझाने और शांत कराने पहुंचीं एसडीएम ओशीन शर्मा अचानक वहां मौजूद मीडियाकर्मियों पर भड़क गईं। उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर तीखी आपत्ति जताई। वकील सुक्खू सरकार द्वारा सील्ड रोड परमिट की फीस में की गई भारी बढ़ोत्तरी का लगातार पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

वरिष्ठ एडवोकेट शीतल व्यास ने सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों-अफसरों की पत्नियां, रिश्तेदार, सब्जियां और कुत्ते तक इन सरकारी गाड़ियों में घूम रहे हैं। मुख्यमंत्री को आम जनता की व्यावहारिक परेशानियां और सरकार की फिजूलखर्ची नजर नहीं आ रही है।

अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर से सचिवालय तक एक विशाल रोष रैली निकाली। इसके बाद वकीलों ने सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे प्रशासनिक परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

दो घंटे के भारी हंगामे के बाद खुला मुख्य मार्ग

इस प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर करीब दो घंटे तक वाहनों के पहिए पूरी तरह थमे रहे। जाम के दौरान वकीलों और आम राहगीरों के बीच तीखी बहस भी हुई। वकीलों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर वार्ता नहीं करेंगे, आंदोलन जारी रहेगा।

हंगामा बढ़ने के बाद वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। उन्होंने वकीलों को बिना रुकावट परमिट देने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वकीलों को मामूली दरों पर परमिट जारी किए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद ही जाम खुल पाया।

Author: Sunita Gupta

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