हिमाचल निकाय चुनाव: 51 शहरों में आज जनता करेगी फैसला, किसके सिर सजेगा ताज?

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में इक्यावन शहरी निकायों के लिए रविवार सत्रह मई को मतदान होगा। राज्य के कुल चार सौ उनतालीस वार्डों में ग्यारह सौ सैंतालीस उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। चुनाव सुबह सात बजे से शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा। निर्वाचन आयोग ने मतदान की पूरी तैयारी कर ली है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी पांच सौ पचासी मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियां भेज दी हैं। चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए तेईस सौ चालीस मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही ग्यारह सौ सत्तर पुलिस जवान भी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे।

चार नगर निगमों और 47 अन्य निकायों में महामुकाबला

इन चुनावों में चार प्रमुख नगर निगमों धर्मशाला, मंडी, पालमपुर और सोलन में वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा पच्चीस नगर परिषदों और बाईस नगर पंचायतों में भी कड़ा मुकाबला होगा। कुल चार सौ उनतालीस पदों के लिए प्रत्याशी मैदान में हैं। इस बार एक सौ पचानवे महिला उम्मीदवार भी अपना राजनीतिक भाग्य आजमा रही हैं।

पूरे प्रदेश में करीब तीन लाख साठ हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें एक लाख अस्सी हजार से अधिक पुरुष मतदाता शामिल हैं। करीब एक लाख उन्यासी हजार महिला मतदाता भी अपने नेता का चुनाव करेंगी। इसके अलावा अठारह सौ आठ युवा पहली बार लोकतंत्र के इस पर्व में वोट डालेंगे।

मतदान केंद्रों के पास प्रचार और भीड़ जुटने पर सख्त पाबंदी

चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम को ही पूरी तरह थम गया था। चुनाव आयोग ने मतदान खत्म होने तक किसी भी तरह के प्रचार पर रोक लगाई है। मतदान केंद्रों के सौ मीटर के दायरे में झंडे, पोस्टर या नारेबाजी पर प्रतिबंध है। इस क्षेत्र में लाउडस्पीकर का उपयोग और वोट मांगना भी पूरी तरह गैरकानूनी है।

मतदान के दिन हथियार लेकर पोलिंग बूथ के पास जाने पर सख्त पाबंदी है। केवल अधिकृत सुरक्षाकर्मी ही हथियार रख सकेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान और मतगणना पूरी होने तक शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है। सभी होटल, ढाबों और शराब के ठेकों पर शराब परोसने की सख्त मनाही की गई है।

विधानसभा चुनाव से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष की बड़ी अग्निपरीक्षा

प्रदेश में पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब तेरह सौ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा। नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजे मतदान वाले दिन ही घोषित हो जाएंगे। चारों नगर निगमों के वोटों की गिनती इकतीस मई को होगी। इस चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।

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