ईंधन संकट पर पीएम मोदी की एक अपील और देश में शुरू हो गया बड़ा बदलाव, जानिए हिमाचल से दिल्ली तक क्या-क्या हुआ?

Himachal Pradesh News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है। इस अहम अपील का असर अब देशभर में साफ दिखने लगा है। हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्यपाल ने ईंधन बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। खुद प्रधानमंत्री ने भी अपना सुरक्षा काफिला छोटा कर लिया है। यह खास पहल देश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा प्रयास मानी जा रही है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुहिम का खुला समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं। इन गाड़ियों का खर्च पेट्रोल और डीजल से काफी कम होता है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार अनावश्यक खर्चों से हमेशा बचती है। मंडी चुनाव प्रचार में उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी बचत की बदौलत उनका राज्य आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

राज्य सरकार ने ईंधन खपत घटाने के लिए कई कड़े उपाय लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रियों के काफिले की गाड़ियों में पहले ही भारी कटौती की जा चुकी है। इसके अलावा मंत्रियों और विधायकों के वेतन में भी अस्थाई कटौती की गई है। सरकार के इन प्रयासों से खजाने का बोझ काफी कम हुआ है। ये सभी ठोस कदम हिमाचल को मजबूत आर्थिक स्थिति की तरफ ले जाने में बहुत मददगार साबित हो रहे हैं।

राजभवन में लागू हुआ ‘पेट्रोल-फ्री संडे’ का नया नियम

प्रधानमंत्री की अपील का असर हिमाचल राजभवन पर भी पड़ा है। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपना वीआईपी काफिला आधा कर दिया है। राजभवन को ‘फ्यूल कंजर्वेशन जोन’ घोषित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत वहां रविवार को ‘पेट्रोल-फ्री संडे’ मनाया जाएगा। इस दिन सरकारी काम के लिए पेट्रोल या डीजल वाहनों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। देश में ईंधन बचाने की दिशा में उठाया गया यह एक बेहद शानदार और बहुत ही बेहतरीन कदम है।

राज्यपाल ने यह भी ऐलान किया है कि पश्चिम एशिया का तनाव खत्म होने तक वे सरकारी हेलीकॉप्टर का उपयोग बिल्कुल नहीं करेंगे। तेल की कीमतें स्थिर होने तक उनके सभी हवाई दौरों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। उनका साफ मानना है कि देशवासियों को ईंधन बचाने की सीख देना और खुद हेलीकॉप्टर जैसे खर्चीले साधन का इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत बात है। यह उस मूल संदेश की भावना के सख्त खिलाफ है जो देश को दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद पेश की सादगी की अनूठी मिसाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ जनता से ही अपील नहीं की, बल्कि खुद भी इस पर सख्ती से अमल किया है। उन्होंने सादगी की मिसाल पेश करते हुए अपने लंबे-चौड़े सुरक्षा काफिले को बेहद छोटा कर दिया है। बुधवार को जब प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक आवास से दफ्तर के लिए निकले, तो उनके काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां ही नजर आईं। देश के शीर्ष नेता का यह कदम आम जनता को ऊर्जा संरक्षण के लिए बहुत प्रेरित कर रहा है।

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