Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर टोल टैक्स को लेकर भारी बवाल मच गया है। पंजाब सीमा से सटे सभी टोल बैरियर पर लोग धरने पर बैठ गए हैं। ऊना जिले के मेहतपुर बैरियर पर लोगों ने दरी बिछाकर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सरकार ने बाहरी वाहनों के टोल टैक्स में भारी इजाफा किया है। इसके विरोध में स्थानीय लोग और वाहन चालक सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस बल तैनात होने के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है।
मनमाने टोल टैक्स से भड़के लोग, ट्रकों ने किया चक्का जाम
सोलन जिले के नालागढ़ में ढेरोंवाल एंट्री पॉइंट पर भी भारी हंगामा हुआ है। यहां ट्रक चालकों ने ज्यादा पर्ची काटने का कड़ा विरोध किया है। गुस्साए ट्रक ड्राइवरों ने सभी लेन में अपने ट्रक खड़े कर दिए हैं। इससे वहां पूरी तरह से चक्का जाम हो गया है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी गरामोड़ के पास जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुराने रेट लागू करने का झूठा वादा किया था।
विधायक ने टोल प्रबंधन को दी चेतावनी, कहा- भुगतने होंगे अंजाम
इस भारी हंगामे के बीच नालागढ़ से कांग्रेस विधायक बाबा हरदीप सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर टोल प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा है। विधायक ने कहा कि कुछ लोग टोल शुल्क वृद्धि को लेकर जानबूझकर भ्रांतियां फैला रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि टोल प्रबंधन अपनी मनमानी से शुल्क वसूल कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं की गई है। विधायक ने टोल प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी है कि वे गलत व्यवहार का खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें।
टैक्स घटाने के नाम पर धोखा? 45 फीसदी महंगा हुआ सफर
हिमाचल सरकार ने बीते दिन पांच से बारह सीटर गाड़ियों के टोल में मामूली कटौती की थी। कारों और छोटे निजी वाहनों का टोल 130 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। लेकिन आम जनता इसे एक बड़ा धोखा मान रही है। पहले यहां केवल 70 रुपये लगते थे। इसका सीधा मतलब है कि अब भी टोल टैक्स में करीब 45 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। आम तौर पर हर साल सिर्फ 10 फीसदी टैक्स ही बढ़ता है। पिकअप और अन्य कमर्शियल वाहन चालक भी अब सरकार से भारी रियायत की मांग कर रहे हैं।


