Delhi News: दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के बीच जारी विवाद अब अदालत पहुंच चुका है। दिल्ली हाई कोर्ट की विशेष खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने फोगाट को आगामी एशियन गेम्स के चयन ट्रायल्स में शामिल करने की संभावना तलाशने को कहा है।
देश में मां बनना खुशी की बात, फेडरेशन बदले की भावना से काम न करे
चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कुश्ती संघ के रवैये पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि हमारे देश में मां बनना बेहद खुशी की बात मानी जाती है। इसलिए खेल फेडरेशन को किसी भी खिलाड़ी के साथ बदले की भावना से बिल्कुल काम नहीं करना चाहिए।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने पीठ को एक महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मौजूदा नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में योग्यता शर्तों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने विनेश फोगाट के मामले की जांच के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने के निर्देश दिए।
कुश्ती संघ ने स्टार पहलवान पर लगाया घोर अनुशासनहीनता का बड़ा आरोप
यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश फोगाट पर कड़ा एक्शन लिया। संघ ने उन पर घोर अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही महासंघ ने जून महीने तक उनकी सभी घरेलू खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी।
फेडरेशन के इस सख्त फैसले के खिलाफ स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की विस्तृत सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्तिगत या संस्थागत विवाद से ऊपर हमेशा देश के खिलाड़ियों और खेल का हित होना चाहिए।
रिटायरमेंट के बाद वापसी की तय समय सीमा न मानने पर लगा है छह महीने का बैन
कुश्ती संघ ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कोर्ट में अपना पक्ष रखा। डब्ल्यूएफआई के मुताबिक संन्यास के बाद वापसी करने वाले हर खिलाड़ी को कम से कम 6 महीने पहले लिखित सूचना देनी होती है। विनेश ने इस अनिवार्य नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन पर जून तक का प्रतिबंध लगाया गया।
इससे पहले सोमवार को अदालत ने भी 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल्स में उन्हें तुरंत खेलने की अंतरिम अनुमति नहीं दी थी। चूंकि फेडरेशन उन पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका था, इसलिए तकनीकी पेच फंस गया। अब कोर्ट ने खेल के व्यापक हित में सरकार से दखल देने को कहा है।
Author: Adv Anuradha Rajput

