दिल्ली अग्निकांड: मालिक के भागने से 21 मासूमों की तड़पकर मौत, जानिए रूह कंपा देने वाली कहानी

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका मालवीय नगर 3 जून की सुबह चीखों से गूंज उठा। हौज रानी के एक बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में भीषण आग लग गई। इस खौफनाक हादसे ने मात्र कुछ ही घंटों में 21 मासूम लोगों की जिंदगी छीन ली।

मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज के लिए भारत आए थे। बाकी भारतीय लोग अपने परिजनों से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। दमकल की 17 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद 58 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

लापरवाही और अवैध निर्माण ने ली मासूमों की जान

पुलिस जांच में होटल फ्लोरिश स्टे की कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। नियमों के मुताबिक यहां सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी। मालिक लवकेश बजाज नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट सहित 25 कमरे अवैध रूप से चला रहा था।

इमारत में आने-जाने के लिए सिर्फ एक बेहद संकरा रास्ता मौजूद था। होटल की सभी खिड़कियां पूरी तरह सील थीं। मुख्य दरवाजा ऑटोमैटिक सेंसर वाला था, जो बिजली कटने से बंद हो गया। इस वजह से लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।

होटल के पास अग्नि सुरक्षा का कोई वैध प्रमाणपत्र नहीं था। प्राथमिक जांच के अनुसार, बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। इसके बाद जहरीला धुआं और लपटें पूरी छह मंजिला इमारत में तेजी से फैल गईं।

मालिक का शर्मनाक कबूलनामा और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी मालिक लवकेश बजाज को साकेत से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में बजाज ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। उसने माना कि वह लोगों को तड़पता देखकर डर के मारे अपनी गाड़ी लेकर मौके से भाग गया था।

बजाज ने दमकल विभाग को सूचित करने या किसी की मदद करने का प्रयास नहीं किया। पुलिस आरोपी को पांच दिन की रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में पेश कर रही है। पुलिस अब मैनेजर जय मिश्रा की तलाश कर रही है।

गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के आठ लोगों की मौत

इस दिल दहला देने वाले हादसे में गुरुग्राम का एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। सीए विवेक अग्रवाल अपने बीमार बुजुर्ग पिता से मिलने दिल्ली आए थे। हादसे के वक्त पूरा परिवार होटल में नाश्ता कर रहा था।

आग की चपेट में आने से विवेक, उनकी पत्नी, दो बेटियों और चार अन्य रिश्तेदारों की दर्दनाक मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती बीमार पिता ही अब इस अभागे परिवार के इकलौते जीवित सदस्य बचे हैं।

सरकार का बड़ा मुआवजा और सख्त जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 5 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की बड़ी घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से सहायता राशि स्वीकृत की है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 2 लाख रुपये देने का ऐलान किया। उपराज्यपाल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं।

प्रशासन ने मालवीय नगर इलाके में 18 संदिग्ध अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया है। इन सभी जगहों पर छापेमारी शुरू हो गई है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है।

Author: Gaurav Malhotra

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