Delhi News: केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में परीक्षा की निष्पक्षता से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता पर हुआ विस्तृत आकलन
इस अहम बैठक में पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के इंतजामों का विस्तृत आकलन किया गया। कैबिनेट सचिव ने साफ कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन आपसी तालमेल से काम कर रहे हैं। इस परीक्षा को बिना किसी विवाद के सफल बनाना ही सभी का लक्ष्य है।
अनियमितता रोकने के लिए सभी एजेंसियों को कड़े निर्देश
कैबिनेट सचिव ने सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने का आदेश दिया है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रभावी डिजिटल निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। डॉ. सोमनाथन ने अफसरों से कहा कि वे लाखों होनहार अभ्यर्थियों का भरोसा किसी भी कीमत पर टूटने न दें।
फर्जीवाड़ा करने वालों को किसी भी हाल में माफी नहीं
सरकार परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को हर हाल में सुरक्षित रखना चाहती है। कैबिनेट सचिव ने दोहराया कि किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही, पेपर लीक की अफवाह या फर्जीवाड़ा करने के प्रयासों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
मुख्य सचिवों के साथ पहले ही हो चुकी है बैठक
गौरतलब है कि कैबिनेट सचिव इससे पहले 1 जून को विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ अहम बैठक कर चुके हैं। इसके बाद 4 जून को उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। सरकार का मानना है कि इस बहुस्तरीय समन्वय से परीक्षा पारदर्शी बनेगी।
लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर टिकीं सबकी नजरें
लगातार हो रही इन उच्चस्तरीय बैठकों से यह साफ है कि सरकार परीक्षा को पूरी तरह विवादमुक्त रखना चाहती है। अब पूरे देश की नजरें 21 जून को होने वाली इस परीक्षा पर टिकी हैं। यह परीक्षा देश के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के करियर और सुनहरे भविष्य से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है।
Author: Rashmi Sharma


